*शपथ तो ली पर अभी नहीं हुई विकास को बैठक, रिपोर्ट योगेश मुदगल

एटा- नगर निकायों के शपथ लिए हुए दो सप्ताह का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक कोई शहर के विकास का खाका तक भी नहीं खींच पाया। पहली बोर्ड बैठक नहीं का चुकी है। एक दो स्थानों पर बोर्ड बैठक बुलाई भी गई थी तो वह नहीं हो सकी। उन्हें स्थगित करनी पड़ी। अध्यक्षगण अभी तक सिर्फ मंथन में ही जुटे हुए है।
नगर पालिका चुनाव के बाद से होने वाले विकास कार्यों को मंथन चल रहा है। शहर में होने वाले विकास कार्यों चर्चा होनी थी। दो सप्ताह का समय बीतने के बाद भी पालिका बोर्ड की बैठक नहीं हो सकी है। एटा नगर पालिका में नव निर्वाचित सभासदगणों से प्रस्ताव जरुर मांग लिए गए हैं। उनके वार्ड में क्या-क्या काम कराए जाने हैं। सबसे अधिक परेशानी पीने के पानी की है। जगह-जगह आरओ खराब पड़े हैं। रोडवेज बस स्टैंड पर भी पीने के पानी व्यवस्था नहीं है। शहर की टूटी पड़ी गलियों और सड़कों की भी बड़ी समस्या है। इससे लोगों को परेशानी हो रही है। नगर पालिका मारहरा में भी अभी तक बोर्ड की बैठक नहीं हो सकी है। मारहरा में भी पानी की बड़ी समस्या है। यहां पर कई स्थानों पर पानी के टैंक खराब पड़े है। जलेसर पालिका की भी बोर्ड की बैठक नहीं हो पा रही है। जलेसर में सबसे अधिक परेशानी गंदगी और पीने के पानी की आ रही है। कई हैंडपंप खराब पड़े हैं। अगर समय रहते है बोर्ड की बैठक हो जाए तो गर्मी में लोगों को पानी की समस्या ना हो। कमोवेश अधिकांश निकायों में यही हाल है। जहां पर पानी के लिए समस्या है। सकीट में बोर्ड की बैठक बुलाई गई थी। सभी सभासद बैठक में शामिल होने के लिए पहुंच भी गए थे, लेकिन अचानक ही बैठक को स्थगित करना पड़ा। अभी नई तारीख नहीं मिल सकी है। नगर पालिका अलीगंज, नगर पंचायत जैथरा, राजा का रामपुर और अवागढ़ में भी बैठक नहीं हो सकी है।
निकायों के पास बोर्ड बैठक कराने के लिए अपना अधिकार होता है। पहली बोर्ड की बैठक शपथ होने के एक माह के अंदर करानी होती है।
आलोक कुमार, एडीएम प्रशासन