*नगर पंचायत मिरहची व सकीट के चुनाव परिणामों को चुनौती, रिपोर्ट योगेश मुदगल

एटा, । अवागढ़ नगर पंचायत के चुनाव परिणामों को चुनौती देने के साथ निकाय चुनाव में दूसरे स्थान पर प्रत्याशियों ने मिरहची और सकीट के चुनाव परिणामों पर सवाल उठाया है। मिरहची में चुनाव जीतने वाले प्रत्याशी के हस्ताक्षर फर्जी बताए गए हैं तो सकीट में जीते हुए प्रत्याशी पर नाम बदलकर चुनाव लड़ने का आरोप है।
नगर पंचायत अवागढ़ में तीन-तीन बार डाल दिए वोट अवागढ़ नगर पंचायत में निर्दलीय प्रत्याशी मुन्नालाल गुप्ता की ओर से याचिका की गई है। इनके अधिवक्ता अरुण सोलंकी ने बताया कि अवागढ़ में 21 वोट ऐसे थे जो मतदाता सूची में डबल थे।
दो बार वोट डाल दिए गए। ऐसे में 42 वोट अधिक पढ़ गए। चार वोट ऐसे हैं जो मतदाता सूची में तीन-तीन स्थानों पर हैं। इन सभी वोटों को गलत डाल दिया गया। इस मामले की सुनवाई जिला जज न्यायालय में 31 जुलाई को होगी।
*मिरहची हस्ताक्षर फर्जी बना कर दिया नामांकन
नगर पंचायत मिरहची में भाजपा की ओर से प्रत्याशी रही मीना देवी ने चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। मीना देवी के अधिवक्ता सीपी सिंह ने बताया कि जो नगर पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मी उपाध्याय ने जो नामांकन पत्र दाखिल किया है वह अन्य कागजों पर अलग-अलग बताए जा रहे हैं। फर्जी हस्ताक्षर कर चुनावी प्रक्रिया पूरी की गई है। जबकि प्रत्याशी के हस्ताक्षर होना जरुरी होते हैं। उन्होंने बताया कि मतगणना के समय जो गणना सीट बनाई गई है उस सीट पर आरओ तथा एआरओ के हस्ताक्षर ही नहीं है। अन्य कर्मचारियों ने हस्ताक्षर कर सीट तैयार कर दी है। याचिका जिला जज कोर्ट में दाखिल की गई है।
*सकीट में नाम बदलकर लड़ा चुनावब्लॉक प्रमुख के समय थी प्रियंका, रिपोर्ट योगेश मुदगल
नगर पंचायत सकीट की याचिका भाजपा प्रत्याशी शंकुंतला देवी की ओर से की गई है। इनके अधिवक्ता रामखिलाडी यादव ने बताया कि बसपा से नगर पंचायत अध्यक्ष मानवी यादव बनीं हैं। इससे पहले वह ब्लाक सकीट की प्रमुख थी। उस समय इनका नाम प्रियंका था। आरोप है कि नाम शैक्षिक प्रमाण पत्रों में हेराफेरी कर इन्होंने चुनाव लड़ा है। मतगणना में जो गड्डिया बनाई गईं थी वह 50 के स्थान पर 52-52 वोट की बना दी गईं। इससे उनके वोट कम हो गए। सही गणना होती तो शंकुंतला देवी 129 वोट से चुनाव जीत रही थी। यहां पर हेराफेरी कर दी गई। जानबूझकर 100 वोटों को निरस्त कर दिया गया। इस मामले की सुनवाई 27 जुलाई को जिला जज न्यायालय में होगी।