विक्रम जोशी की हत्या के बाद पत्रकारों में दिखा गुस्सा

विक्रम जोशी की हत्या के बाद पत्रकारों में दिखा गुस्सा

सीएम को संबोधित मांग पत्र डीएम को सौंपा

हत्यारों को मिले कड़ी से कड़ी सजा, की गई मांग

मीरजापुर। पत्रकार विक्रम जोशी की गाजियाबाद में हुई हत्या के बाद जनपद के पत्रकारों में भी गुस्सा देखने को मिला। जिस कारण गुरुवार को विक्रम जोशी पत्रकारिता सम्मान की शुरुआत के संदर्भ में मुख्यमंत्री से संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा गया। जिसके तहत कहा गया कि गाजियाबाद में नारी-सम्मान की रक्षा के लिए प्राणोत्सर्ग कर देने वाले पत्रकार विक्रम जोशी के लिए आप द्वारा घोषित सहायता राशि, उनकी पत्नी को शासकीय सेवा तथा बच्चों की शिक्षा-दीक्षा की व्यवस्था के संबन्ध में लिया गया निर्णय सराहनीय है। इस संदर्भ में अग्रलिखित सुझाव पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। उत्तर-प्रदेश में नारी सम्मान की रक्षा के लिए कार्य करने वाले पत्रकारों एवं सामाजिक कार्यकर्त्ताओं को प्रत्येक वर्ष ‘विक्रम जोशी नारी-सुरक्षा सम्मान’ दिया जाए। इस वर्ष 15 अगस्त ’20 को यह अलंकरण उनके परिवार को दिया जाए। इस अलंकरण से विभूषित व्यक्ति को महिला आयोग, महिलाओं के कल्याण के लिए किए जाने वाले कार्यक्रमों के क्रियान्वयन समिति में बतौर पदाधिकारी नियुक्त किया जाना चाहिए। अवांछित तत्वों से पीड़ित महिलाओं की शिकायतों पर निर्धारित समय पर कार्रवाई न करने वाले पुलिसजनों का इंक्रीमेंट रोक कर उनकी सेवा को ब्रेक दिया जाना चाहिए। हर शिक्षण संस्थानों में जहां महिलाएं अध्ययनरत हैं, उसमें ‘विक्रम जोशी एक्शन फोर्स’ का गठन किया जाना चाहिए। महिलाओं के साथ अपराध करने वाले अवांछित तत्वों के परिजनों पर भी अपराधी को संरक्षण देने का मुकदमा दर्ज कर उन्हें सह-अभियुक्त बनाया जाना चाहिए। नारी सुरक्षा को प्रभावी बनाने के लिए नारी उत्पीड़न एवं अपराध के मामलों की सुनवाई तथा फैसले की समय-सीमा निर्धारित की जानी चाहिए। महिलाओं के प्रति जघन्य अपराध में आरोपित अभियुक्त की जमानत लेने वालों की ‘हिस्ट्रीशीट’ संबंधित थाने में बनाई जानी चाहिए। आरोपित अपराधी को सरकारी विभागों में किसी भी प्रकार से कारोबार के लिए हमेशा के लिए अयोग्य घोषित करना चाहिए। इस तरह के अपराधी को किसी भी मान्यताप्राप्त दल में सदस्य बनने के लिए अयोग्य तथा किसी भी स्तर के चुनाव लड़ने पर अयोग्य घोषित करना चाहिए। महिला अपराध में दंडित का राशनकार्ड, मोबाइल फोन, वाहन रजिस्ट्रेशन निर्धारित समय-सीमा तक निरस्त किया जाना चाहिए। इस अभियान मे संजय दुबे, राजेंद्र तिवारी, मनोज शुक्ला, देवेंद्र पांडेय, प्रमोद सिंह,संगम राज पाण्डेय, विपिन पांडेय, नेमत खान गुड्डू, मंगल तिवारी, शमशाद खान, दीपक मिश्रा, महेश चंद्र रावत, प्यारी मोहन त्रिपाठी, सुभाष मिश्रा, मंगला पति द्विवेदी, संतोष श्रीवास्तव, हेमंत शुक्ला, मेराज खान, रामलाल साहनी,गंगाराम मौर्या, संदर्भ पांडेय, संतोष मिश्रा, निजामुद्दीन समेत दर्जनों पत्रकार मौजूद रहे।

About The Author

निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

Learn More →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अपडेट खबर के लिए इनेबल करें OK No thanks