*कासगंज का आधुनिक गांव मॉडल पूरे प्रदेश में लागू होगा, रिपोर्ट योगेश मुदगल
लखनऊ। स्मार्ट क्लासेज, सीसीटीवी कैमरे, पक्की सड़कें, सोलर लाइट, ओपेन जिम, वाईफाई की सुविधा, बेहतर कचरा प्रबंधन। कहने को तो गांव लेकिन सुविधाएं शहरों जैसी…इसी लक्ष्य के साथ जब कासगंज के तीन गांवों को आधुनिक बनाने काम शुरू हुआ तो देखते ही देखते तस्वीर बदल गई।
कासगंज के तीन नगला सेडू, भुजपुरा, व धुवियाई अब आधुनिक गांवों में तब्दील होकर हर जगह चर्चा का विषय बने हैं। अब मुख्य सचिव ने इस पहल को सराहनीय बताते हुए तय किया कि अन्य जिलों के जिलाधिकारी भी इसी तरह अपने जिलों में पहले चरण में कुछ गांवों का चयन करेंगे और आधुनिक गांव विकसित करेंगे। इस पहल के पीछे कासगंज की डीएम हर्षिता माथुर हैं, जिन्होंने पहले सर्वे करा समग्र ग्राम व आदर्श ग्राम योजना से आगे बढ़कर इसे आधुनिक गांव बनाने का काम शुरू कराया। पहले कमियों की पहचान की। घर-घर सर्वे कर उन्हें इसके बारे में जागरुक किया गया। फिर खर्च का आकलन किया। इसके बाद फंड का इंतजाम किया गया। विकास परियोजनाओं के दायरे में आने वाले लाभार्थियों का चिन्हित किया गया