*भूजल दोहन अब आसान नहीं, नियम तोड़े तो लाखों का जुर्माना, रिपोर्ट योगेश मुदगल

कासगंज, । औद्योगिक और सामूहिक भूगर्भ जल उपभोक्तओं के लिए नलकूप का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन एवं अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करना अनिवार्य है। इसके लिए डीएम की अध्यक्षता जिला भूगर्भ जल प्रबंधन परिषद का गठन किया गया है।
परिषद अनिनियम व प्राविधानों के समुचित क्रियान्वयन की दिशा में काम करेगी। इसमें अधिसूचित क्षेत्रों के लिए प्राविधान जनपद कासगंज विकास खण्ड कासगंज को अधिसूचित क्षेत्र की श्रेणी में रखा गया। जबकि गैर अधिसूचना क्षेत्रों के लिए प्राविधानों में जनपद कासगंज के विकास खण्ड सोरों, अमांपुर, सहावर, सिढ़पुरा, गंजडुण्डवारा व पटियाली को गैर अधिसूचित क्षेत्र की श्रेणी में रखा गया है।
ये है दंड प्राविधन भूगर्भ जल अधिनियम 2019 एवं नियमावली 2020 का पालन नहीं करने पर अपराध के अन्तर्गत दण्ड का प्राविधान किसी भी व्यवसायिक, औद्योगिक, अवसंरचनात्मक एवं सामूहिक यूजर्स द्वारा प्राविधानों के उल्लंघन की स्थिति में दण्ड प्रस्तावित है। जिसमें घरेलू एवं कृषि उपभोक्ताओं पर कोई दण्ड प्रस्तावित नहीं है। प्रथम अपराध के लिए रुपये 02 लाख से 05 लाख अर्थदण्ड अथवा 06 माह से 01 वर्ष का कारावास अथवा दोनों। अपराध की पुनरावृत्ति पर प्राधिकार पत्र निरस्त करने के लिए उपरोक्त दण्ड को दोगुना किया जायेगा। यदि किसी व्यवसायिक औद्योगिक अवसंरचात्मक एवं सामूहिक द्वारा प्रवाह किये जाने वाला अपशिष्ट भूजल को किसी प्रकार से दूषित करता है, तो यह गम्भीर अपराध की श्रेणी में माना जायेगा।
इस दोषपूर्ण कृत्य के लिए अथदण्ड अथवा कारावास अथवा दोनों का प्राविधान किया गया है। भूजल के लिए दोषी पाये जाने की स्थिति में प्रथम अपराध के लिए 02 वर्ष 03 वर्ष का कारावास एवं 5 लाख से 10 लाख अर्थदण्ड, अपराध की पुनरावृत्ति पर 05 वर्ष से 07 वर्ष का कारावास तथा 10 लाख से 20 लाख का अथदण्ड।