
(आईजीआरएस) में मिलने वाले आवेदन हों या सीएम हेल्पलाइन अथवा थाना, तहसील, विकास खंड में पहुंचने वाले शिकायतकर्ता, सबकी सुनवाई की जाए और 15 दिनों के अंदर उनका समाधान किया जाए
लखनऊ, विशेष संवाददाता। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ हमने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनानी है। इंटीग्रेटेड ग्रीवांस रिड्रेशल सिस्टम (आईजीआरएस) में मिलने वाले आवेदन हों या सीएम हेल्पलाइन अथवा थाना, तहसील, विकास खंड में पहुंचने वाले शिकायतकर्ता, सबकी सुनवाई की जाए और 15 दिनों के अंदर उनका समाधान किया जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीड़ित, परेशान व्यक्ति की मनोदशा को समझें, उसकी भावना का सम्मान करें और पूरी संवेदनशीलता के साथ समाधान किया जाए। शिकायतकर्ता की संतुष्टि और उसका फीडबैक ही अधिकारियों के प्रदर्शन का मानक होगा। शासन से लेकर विकास खंड तक के अधिकारी मिशन मोड में जनसुनवाई को शीर्ष प्राथमिकता देते हुए आमजन की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कराएं।
ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी
मुख्यमंत्री ने बुधवार को शासन स्तर के सभी अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों के साथ जनशिकायतों के निस्तारण को लेकर विभागीय कार्यप्रणाली की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि राज्य सरकार के सभी लोक कल्याणकारी प्रयासों के मूल में आम आदमी की संतुष्टि और प्रदेश की उन्नति है। शासन-प्रशासन से जुड़े सभी अधिकारियों, कार्मिकों को इसे समझना चाहिए। आमजन की शिकायतों, समस्याओं के सहज समाधान के लिए जनसुनवाई समाधान प्रणाली (आईजीआरएस और सीएम हेल्पलाइन) अत्यंत उपयोगी माध्यम है। शासन में तैनात वरिष्ठ अधिकारी हों या फील्ड में नियुक्त अधिकारी, हर किसी की यह जिम्मेदारी है कि आईजीआरएस पर मिले आवेदनों का प्राथमिकता के साथ त्वरित निस्तारण किया जाए। इसमें किसी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही, देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
सीएम ने निर्देश दिए कि आईजीआरएस और सीएम हेल्पलाइन पर आने वाले आवेदनों को लेकर थाना, तहसील और जिला स्तर हो रही कार्यवाहियों पर शासन से लगातार नजर रखी जा रही है।