एटा,राजस्व विभाग व बैंको को लगाया चूना

जिम्मेदारों की आंखें बंद , ठगों की पौ बारह
कहा जाता है कि जब जिम्मेदार ही अपनी आंखें बंद कर ले तो चोर को दोष क्या देना ।
ताजा मामला एटा जिले की तहसील अलीगंज का है , जहां ठगों ने ठगी करते हुए अपनी सामाजिक साख बनाई वहीं आर्थिक लाभ भी प्राप्त किया ।
शिकायतकर्ता अवनीश कुमार द्वारा साक्ष्यों के सहित पूरे प्रकरण से अवगत कराया गया ।
एटा जिला की अलीगंज तहसील के
ग्राम दौलतपुर निवासी किशनलाल , प्रमोद कुमार व सुबोध कुमार ने राजस्व अभिलेखों में हेराफेरी कर धोखाधड़ी से अपना नाम दर्ज करा लिया एवं क्षेत्र व समाज में सामाजिक साख स्थापित करने के उद्देश्य से धोखाधड़ी द्वारा अर्जित फर्जी स्वामित्त वाली भूमि को उत्तर प्रदेश के महामहिम राज्यपाल को भूमि दान भी कर दिया ।
इसी क्रम में दूसरी शिकायत ग्राम दौलतपुर के सुखपाल व कृपाल सिंह पुत्रगण सर्वेश यादव की है , जिन्होंने राजस्व अभिलेखों में धोखाधड़ी कर अपना नाम अंकित करा लिया एवं इसके बाद भारतीय स्टेट बैंक व भारतीय कैनारा बैंक से ऋण भी प्राप्त कर लिया ।
इसी क्रम में तीसरी शिकायत ग्राम दौलतपुर की ही निवासी उर्मिला देवी पुत्री दुर्योधन पत्नी सर्वेश यादव की है , जिन्होंने राजस्व अभिलेखों में धोखाधड़ी कर सरकारी भूमि को अपने नाम दर्ज करा लिया और भारतीय स्टेट बैंक व कैनारा बैंक से ऋण भी प्राप्त कर लिया ।
स्मरण रहे जब कोई गरीब किसान ऋण लेने के लिए किसी बैंक में जाता है , तो ऋण देने वाले बैंक उसे खूब दौडाते हैं एवं बड़ी मुश्किल से ऋण देते हैं वही ठग आसानी से ऋण प्राप्त कर लेते हैं, यह आश्चर्य का विषय है ।
इस पूरे प्रकरण से पता चलता है कि सारे नियम और कायदे गरीबों पर ही चलते हैं ठगों पर इनका कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।
आखिर ऋण देते समय क्या जिम्मेदार अपनी आंखें बंद कर लेते हैं ?
इस प्रकरण में जिम्मेदारों पर भी कोई कार्यवाही होगी ?
शिकायतकर्ता अवनीश कुमार ने जिलाधिकारी एटा से इसकी शिकायत की है अब देखते हैं इस प्रकरण में प्रशासन क्या कार्यवाही करता है एवं प्रशासन द्वारा की गई कार्यवाही से आपको अगले अंक में अवगत कराएंगे