प्रशासन, राज्य व केन्द्र सरकार को त्वरित कार्रवाई कर न्याय दिलाने हेतु

, पत्रकार सुरक्षा परिषद फाउण्डेशन, के साथ जिलाधिकारी गोरखपुर, नगर मजिस्ट्रेट गोरखपुर, के साथ समस्त स्थानीय पुलिस प्रशासन, उत्तर प्रदेश पुलिस प्रशासन, राज्य व केन्द्र सरकार को त्वरित कार्रवाई कर न्याय दिलाने हेतु प्रेषित शिकायती प्रार्थना पत्र- मै बांदी मुकदमा 96/21 बिगत 25 बर्ष से पत्रकारिता से जूड़ा हूं। मैंने 2010-11 में ” जर्नलिस्ट एंड ए एस डब्लू एसोसिएशन गोरखपुर का रजिस्ट्रेशन कराकर 2017 से गरीब, निसहाय बच्चों को आर्थिक आधार पर 10% से 100% तक छुट देने के साथ आर्थिक स्थिति खराब बच्चों को निशुल्क किताब कापी ड्रेस भी उपलव्ध कराकर किराए के मकान 51- आवास विकास कालोनी बेतिया हाता उत्तरी गोरखपुर में सन् 2017 से ” द नेशनल कान्वेंट स्कूल ” नाम से अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ विद्यालय का संचालन कर रहा था। सन 2020 में कोविड-19 के कारण सरकार के आदेशानुसार विद्यालय बन्द चल रहा था तथा एक माह का किराया बाकी लगने से मकान मालिक ने 22/06/2020को विना कोई सूचना व नोटिस दिए थाना कैंट पुलिस को मिलाकर गेट पर अलग से ताला लगाकर विद्यालय का रास्ता अवरूद्ध कर दिया, जिससे कोविड-19 में पुलिस संरक्षण में सरेआम मकान मालिक द्वारा सरकार की कोविड-19 की समस्त आदेश का उन्लघन कर गरीब बच्चों को इन लाइन पढांई को बाधित कर बच्चों के भविष्य के साथ भी क्रूर मजाक किया। जिसकी शिकायत मकान मालिक लगायत समस्त उच्चाधिकारियों को दिया परंतु भ्रष्टाचार को अंगीकृत कर संबन्धित पुलिस प्रशासन द्वारा एक पक्षीय कार्यवाही कर विद्यालय व बच्चों के हित में कोई कार्यवाही नहीं हुई बल्कि धीरे-धीरे बिद्यालय का पुलिस संरक्षण में लगातार साक्ष मिटाकर दिनांक 14/10/2020 को रात्रि में मकान मालिक की लड़की अमृता कौर ने अपने दर्जनों लूटेरे सहयोगियों के साथ 2 अपाची सिपाही के सामने विद्यालय द नेशनल कान्वेंट स्कूल 51 आवास विकास कालोनी बेतिया हाता उत्तरी गोरखपुर में हमप्रार्थी को विना कोई सूचना दिए विद्यालय का ताला तोड़कर लाखों का सामान, रिकार्ड को टाटा लोडर में लोड करने की सूचना पर हम प्रार्थी द्वारा बास्तविकता को मौके पर जाकर देखा और आपत्ति किया तो जान से मारने की धमकी देने के कारण बचते बचाते तत्काल बरीष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर को मोबाइल पर लूट की सूचना देकर थाना कैंट पुलिस को सूचना दिया और पुलिस चौकी बेतियाहाता गोरखपुर में आकर पुलिस को बता रहा था कि चौकी इंचार्ज बेतियाहाता अमित कुमार चतुर्वेदी आते ही अपनी लूट व मकान ख़ाली कराने की सुनियोजित योजना को बिफल होता देख अपने बचाव में आपा खोकर हमप्रार्थी व वीच वचाव में आए पुत्र अविनाश कुमार श्रीवास्तव को भी आतंकवादी के तरह मारपीट कर हाथ पकड़ कर हाथ तोड़ने की प्रयास कर धायलावस्था में थाना कैंट में दिनांक 14 10 2020 से 16/10/2020तक असंम्बैधानिक तरीके से बन्दी बना कर उसी घटनास्थल पर फर्जी मुकदमा दर्ज कर पुलिस कस्टडी में ही विद्यालय लूट का सामान प्राप्ति लिखवाकर जेल भेजा। और फर्जी मुकदमे के पक्ष्य में फर्जी गवाही हेतु दिनांक 17 10 2020 को सायं काल 7.30 बजे विवेचक अमित कुमार चतुर्वेदी व दो सिपाहियों को लेकर धटनास्धल के ग्राउंड फ्लोर स्थित कार्यालय के 2 कर्मचारियों से जबरदस्ती फर्जी गवाही देने हेतु किए मारपीट व धमकी की सी सी टीवी फूटेज वायरल होने व शिकायती पत्र के आधार पर बरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर ने विवेचक व दो सिपाहियों को निलंबित कर जांच पुलिस अधीक्षक क्राइम गोरखपुर को दिया जिसमें विवेचक अमित कुमार चतुर्वेदी व निखिल यादव को दोषी ठहराया गया परन्तु स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा प्रशासनिक कार्यवाही को भ्रष्टाचार को अंगीकृत कर विगत 2 साल से लंबित रख विना सी सी टीवी फूटेज व आरोपी के बयान लिए 2 दिन में ही सस्पेंड अवधि में सस्पेंडेड दरोगा अमित कुमार चतुर्वेदी से ही सस्पेंड तिथि 19 10 2020 को फर्जीवाड़ा कर चार्जशीट दाखिल कर दिया और सस्पेंस अवधि में 5/11/2020 को न्यायालय दाखिल किया। तथा हम प्रार्थी द्वारा दाखिल धारा 156/3 अन्तर्गत माननीय न्यायालय में बाद दाखिल किया गया जिसपर माननीय न्यायालय द्वारा फूटेज और साक्ष्य के आधार पर दो दरोगा व 5 नामजद व अन्य के बिरूद्ध मुकदमा दर्ज करने का आदेश अन्तर्गत मु अ सं 96/21 दर्ज कर पुनः कैंट इन्स्पेक्टर द्वारा पुलिस के बचाव में धारा लूट को हटाकर चोरी की धारा लगाकर अन्याय किया तो विवेचक द्वारा फर्दखाना तलाशी ली गई जिसमें विवेचक द्वारा लूट की सरगना अमृता कौर के कव्जे से आंशिक लूट का सामान बरामद किया। परन्तू विवेचक ने धारा 392,395,411 न लगाकर विना साक्ष्य दोनों दरोगाओं का नाम भ्रष्टाचार को अंगीकृत कर मुकदमे से बाहर कर अन्य आरोपियों के उपर से भी प्रमुख धाराओं को हटाकर गुप्त रूप से फूटेज की फारेन्सीक जांच रिपोर्ट आने के पहले ही पुलिस व आरोपियों को बचाने हेतु चार्जशीट को न्यायालय में दाखिल किया गया। पुलिस की फर्जीवाड़ा का खुलासा के लिए फूटेज की फर्दप्राप्ति को फारेन्सीक जांच हेतु भेजने की आर टी आइ से विवेचक ने दो सूचना दिया, एक में विधि प्रयोगशाला लखनऊ, दुसरे मे विधि प्रयोगशाला वाराणसी तो सी ओ कैंट ने चार्जशीट में दाखिल किया कि विधि प्रयोगशाला गोरखपुर भेजा गया है। क्या यह फर्जीवाड़ा नहीं? आखिर फारेन्सीक जांच में विवेचक ने कहा और किस विधि प्रयोगशाला में परिक्षण हेतु भेजा,यह इनके द्वारा दिए रिपोर्ट से पहेली बनी हुई है जिसका समर्थन फर्जी रिपोर्ट के माध्यम से लगातार स्थानीय पुलिस प्रशासन द्वारा दिए जाने से उच्चाधिकारियों को भी दिग्भ्रमित होना पड़ रहा है। बिगत 2.6 वर्ष से बरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर लगायत समस्त उच्चाधिकारियों को शिकायती पत्र के माध्यम से मांग की गई कि मु अ सं 1280/20 व 96/21 की विवेचना में प्रमुख साक्ष्य ही सी टीवी फूटेज व पुलिस अधीक्षक क्राइम गोरखपुर द्वारा दिए रिपोर्ट फाइल संख्या न-56/20 रिपोर्ट ही दिनांक 14 10 2020 की रात्रि में धटनास्धल में बास्तव में अमृता कौर अपने दर्जनों लूटेरे सहयोगियों के साथ 2अपाचे सिपाही के साथ लूट कर रही है या अमृता कौर के साथ छेड़खानी हो रही है कि खुलासा करेगा। परन्तु थाना कैंट पुलिस, समस्त विवेचक, आइ जी आर एस/पी एम ओ /एन एच आर सी के रिपोर्ट कर्ताओं द्वारा आज तक धटनास्धल से धटना का सी सी टीवी फूटेज का संकलन नहीं किया जा रहा है। हमप्रार्थी द्वारा संकलित कर दिए फूटेज को भी पुलिस अपने बचाव में फूटेज का जिक्र नहीं करती, बल्कि अमृता कौर द्वारा जमा किया गया कूटरचित किराएदारी अनुबन्ध पत्र जिसका स्टाम्प खरीद तिथि 5/10/2019, टाईप तिथि 1/1/2019, हस्ताक्षर अमृता कौर तिथि 1/10/2019 को सत्य मानकर समस्त पुलिस प्रशासन लगातार 3बर्ष से एक पक्षीय कार्यवाही कर निर्दोषों को फंसाया जा रहा है, जब कि फूटेज में लूट करते अमृता कौर अपने दर्जनों लूटेरे सहयोगियों के साथ दो अपाची सिपाही के सामने दिखने के बावजूद भ्रष्टाचार में अन्धा, लूला, लंगड़ा रिपोर्टिंग कर्ता पुलिस के जिम्मेदार लोगों को फूटेज नहीं दिखाई देता, इन्हें सिर्फ कूटरचित किराएदारी अनुबन्ध पत्र ही सत्य दिखाई देता है। हमप्रार्थी पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी को चुनौती देते हैं कि हमप्रार्थी द्वारा जमा किया गया पेनड्राइव व साक्ष्य का जांच निष्पक्ष किया जाए वो लूट की धटना सत्य सिद्ध होगी, छेड़खानी की धटना फर्जी व पुलिस के अपने बचाव में किए फर्जी धटना शिद्ध होगी । अन्त में थक हार कर हमप्रार्थी पुलिस प्रशासन, राज्य सरकार, केन्द्र सरकार को पूर्व प्रेषित अल्टिमेटम अनुसार दिनांक 11/04/2023 को 10 बजे से जिलाधिकारी गोरखपुर कार्यालय परिसर में आमरण अनशन सत्याग्रह शुरू किया, जिसके अन्तर्गत जिलाधिकारी गोरखपुर द्वारा तत्काल दोनों मुकदमे की निष्पक्ष जांच व पुनर्विवेचना आदेश धारा 173/8 अन्तर्गत करने हेतु नगर मजिस्ट्रेट गोरखपुर को ” मजिस्ट्रियल जांच आदेश” 15 दिवस के अन्दर करने की आदेश दिया, चूंकि नगर मजिस्ट्रेट गोरखपुर के अवकाश पर रहने व स्थानीय निकाय चुनाव के कारण जांच प्रचलित है। जिसका हमप्रार्थी 31/05/2023 तक न्याय संगत कार्यवाही व आदेश का इन्तजार करेगा, न होने पर पुनः दिनांक 01/06/2023 के प्रातः 10 बजे से जिलाधिकारी गोरखपुर कार्यालय परिसर में आमरण अनशन सत्याग्रह शुरू करेगा । माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश, जिलाधिकारी गोरखपुर लगायत समस्त उच्चाधिकारियों को पुनः चेतावनी देते हुए निवेदन है कि यदि दिनांक 31/05/2023 तक मजिस्ट्रियल जांच कर दोनो मुकदमे का धारा 173/8 अन्तर्गत भ्रष्टाचार निवारण संगठन या अन्य किसी निष्पक्ष जांच एजेंसी से पुनर्विवेचना कराने का आदेश दिनांक 31/05/2023 तक नहीं दिया जाता है तो दिनांक 01/06/2023 के प्रातः 10 बजे से पुनः हमप्रार्थी पुलिस के भ्रष्टाचार से 2 परिवार को नेस्तनाबूद कर फर्जी मुकदमा में फर्जी दोषी बनाने व विद्यालय द नेशनल कान्वेंट स्कूल 51 आवास विकास कालोनी बेतिया हाता उत्तरी गोरखपुर की लाखों का सामान, रिकार्ड को लूटवाकर गरिब बच्चों के हितार्थ संचालित विद्यालय का ही समस्त पुलिस प्रशासन गोरखपुर द्वारा नेस्तनाबूद करने के विरूद्ध जिलाधिकारी गोरखपुर कार्यालय परिसर में आमरण अनशन सत्याग्रह शुरू किया जाएगा। न्याय न मिलने व जीवन अन्त तक आमरण अनशन सत्याग्रह अनवरत जारी रहेगा, न्याय न मिलने पर प्रार्थी के पूरा परिवार भी 15 अगस्त 2023 को जहर खाकर जान दे देगी। जिसकी समस्त जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश पुलिस प्रशासन, राज्य व केन्द्र सरकार की होंगी। सूचनार्थ एवं त्वरित कार्रवाई करने हेतु प्रेषित – नगर मजिस्ट्रेट गोरखपुर, जिलाधिकारी गोरखपुर, मंडलायुक्त गोरखपुर मंडल, बरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर, पुलिस महानिरीक्षक गोरखपुर परिक्षेत्र, अपर पुलिस महानिदेशक गोरखपुर जोन, पुलिस अधीक्षक नगर गोरखपुर, पुलिस अधीक्षक क्राइम गोरखपुर, पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश, पुलिस महानिदेशक लां एण्ड आडंर उत्तर प्रदेश, प्रमुख सचिव गृह उत्तर प्रदेश, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री संजय प्रसाद महोदय, माननीय मुख्यमंत्री पूज्यनीय योगी आदित्यनाथ जी महाराज, महामहिम राज्यपाल उत्तर प्रदेश, महामहिम राष्ट्रपति भारत बर्ष, माननीय प्रधानमंत्री भारत सरकार, अध्यक्ष राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग नई दिल्ली , एल आई यू गोरखपुर, ईन्टेलीजेन्ट्स गोरखपुर समेत जिम्मेदार समस्त पुलिस प्रशासन और प्रशासनिक अधिकारियों को न्याय संगत कार्यवाही करने हेतु फूटेज व साक्ष सहित शिकायती पत्र प्रेषित। शिकायत कर्ता – बांदी मुकदमा 96/21 , पत्रकार एवं 68 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक व प्रबन्धक द नेशनल कान्वेंट स्कूल 51 आवास विकास कालोनी बेतिया हाता उत्तरी गोरखपुर मोबाइल नंबर 8896429411. नओट- किसी प्रकार की कोई भी जानकारी लेना हो तो हमारे मोबाइल नंबर पर काल करे या ह्वाट्सएप द्वारा अवगत हो सकते हैं।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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