
सिरमौर विधानसभा को यथावत रखते हुए जवा को बनाया जाए विधानसभा क्षेत्र – पूर्व विधायक लक्ष्मण तिवारी
रीवा 4 मई रीवा जिला के जवा ब्लॉक अंतर्गत मतदाताओं की संख्या वर्तमान में 137000 है जो ओवरी, मैलोखर, बौसडवा, के रास्ते डभौरा होते हुए अकौरिया, घुमन, मगरौर,रिमारी के रास्ते जवा से भाखरवार व जनकहाई, भानिगवा होते हुए पटेहरा, इटमा, रौली, भड़रा के रास्ते कोनी,गडेहरा व दुआराधाम से हरदोली बार्डर लाइन से फैलता हुआ तराई अंचल का संपूर्ण जवा ब्लॉक का भूभाग शामिल है। जबकि जवा ब्लॉक में त्योंथर विधानसभा क्षेत्र के भी कुछ ग्राम पंचायत जवा ब्लॉक में शामिल करने से लगभग 160000 मतदाताओं की संख्या बनती है जिसमें जबा को विधानसभा घोषित करना वर्ष 2024 में होने वाले विधानसभा के परिसीमन अंतर्गत जवा को विधानसभा बनाए जाने पर्याप्त आधार हैं। जवा को विधानसभा क्षेत्र बनाए जाने से त्योंथर व जवा विधानसभा मिलाकर जिला बनाए जाने लायक अनुकूल परिस्थितियां अपने आप बनेंगी व दोनों विधानसभा क्षेत्र में पर्याप्त राजस्व के संसाधन व खनिज संपदा के साथ-साथ वन संपदा के अकूत भंडारों का दोहन कर जिला के लिए पर्याप्त राजस्व उपलब्ध हो जाएगा। उक्त विचार पूर्व विधायक लक्ष्मण तिवारी ने अपने निज निवास में पत्रकार वार्ता में व्यक्त किया। श्री तिवारी ने बताया कि सिरमौर विधानसभा क्षेत्र को यथावत रखने लालगांव सर्किल जो सिरमौर तहसील अंतर्गत आती है इसके मतदाताओं की संख्या जोड़कर सिरमौर विधानसभा क्षेत्र के वोटरों की संख्या पर्याप्त है।इसीलिए सिरमौर विधानसभा क्षेत्र यथावत रखे जाने में कोई दिक्कत नही होगी।उन्होंने आगे कहा कि इसी प्रकार लालगांव आर,आई सर्किल डेल्ही जो वर्तमान में देवतालाव विधानसभा क्षेत्र में है मनगवा विधानसभा क्षेत्र में जोड़ देना चाहिए ताकि वोटरों का संख्यात्मक आंकड़ा भी बना रहेगा और निर्वाचन आयोग की मंशा अनुसार मतदाताओं को सुविधा भी प्रदान हो जायेगी।परिसीमन जनसंख्या को दृष्टिगत रखते हुए जन सुविधा अनुसार प्रत्येक 20 वर्षों में किया जाना निश्चित होता है इसलिए 2024 में परिसीमन होना निश्चित है और परिसीमन आयोग द्वारा ऐसा निर्णय लेने से जवा क्षेत्र, सिरमौर क्षेत्र, मनगवां क्षेत्र, देवतालाब क्षेत्र का समीकरण भी संतुलित होगा और किसी तरह की विवादास्पद स्थिति भी निर्मित नहीं होगी।
श्री तिवारी ने आगे कहा कि जिस तरह से बे मौसम बरसात ओला पानी रुक रुक कर पड़ रहा है उसमें सबसे ज्यादा जवा क्षेत्र प्रभावित हुआ है किसानों को जहां एक और फसल खेत में नष्ट हुई थी वही बची कुची फसल खलिहान में ले आने का काम डबल मजदूरी देकर किसानों ने पहुंचाया था उनके अथक परिश्रम पर पानी फिर गया। जिस तरह से रुक-रुक कर बरसात एवं ओले पड़ रहे हैं उससे खलिहान में रखी फसल नष्ट हो गई जिसका ना तो सरकार को कोई आकलन है नाही स्थानीय प्रशासन को उन्होंने सीधा आरोप लगाया कि या तो स्थानीय प्रशासन ठीक से सर्वे नहीं कर रहा है या फिर सरकार का वादा खोखला हुआ झूठा आश्वासन देकर स्थानीय प्रशासन को दबाव बनाए हुए हैं कि नुकसान की भरपाई करने कोई ठोस पहल ना की जाए श्री तिवारी ने डगडैया से जवा और रामबाग किरहाई होते हुए रिमारी तक जिस तरह से ओला पड़ा है इसका पटवारियों द्वारा कोई सर्वे नहीं किया गया है अगर 2 दिन के अंदर सर्वे नहीं किया गया व न्याय संगत नुकसानी की भरपाई किसानों को नहीं की गई तो किसानों के साथ मिलकर सत्याग्रह आंदोलन प्रारंभ किया जाएगा। पत्रकारवार्ता में सिरमौर प्रभारी सिद्धार्थ मिश्रा, कैप्टन राज द्विवेदी, मयंक चतुर्वेदी सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।