
*!!.बुंदेलखंड के चुनावी रण में संग्राम, दमोह विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक एवं पूर्व मंत्री जयंत मलैया के पुत्र सिद्धार्थ मलैया की हुई भाजपा में वापसी: विधानसभा टिकट में दावेदारी पर बोले जो जिम्मेदारी मिलेगी, निभाएंगे.!!*
*दमोह विधानसभा क्षेत्र उपचुनाव 2021 में भाजपा प्रत्याशी राहुल लोधी को हराने के लिए कांग्रेस से मिलाया था हाथ*
बुंदेलखंड में भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता, दमोह विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक एवं मध्य प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री जयंत मलैया के बेटे सिद्धार्थ मलैया की बीजेपी में वापसी हुई। सीएम शिवराज सिंह चौहान, प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा और गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा की मौजूदगी में उन्होंने बीजेपी की सदस्यता ली। उन्होंने कहा कि स्वीकार करने के लिए पार्टी का आभार। हम जहां थे, वहीं हैं।
सिद्धार्थ मलैया को जून 2022 में पार्टी से निष्कासित किया गया था। यह निष्कासन भी छह साल के लिए किया गया था। दरअसल, 2021 में दमोह में हुए उपचुनाव में बीजेपी से चुनावी मैदान में उतरे राहुल सिंह को हार का सामना करना पड़ा था। हार को लेकर बयानी जंग शुरू हुई। राहुल ने हार का जिम्मेदार जयंत मलैया परिवार को ठहराया था। संगठन में भी सिद्धार्थ मलैया और उनके समर्थकों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी। बीजेपी ने सिद्धार्थ समेत पांच मंडल अध्यक्षों को छह साल के लिए निष्कासित किया। जुलाई 2022 को सिद्धार्थ ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। साथ ही दमोह नगरीय निकाय चुनाव में हर वार्ड में निर्दलीय उम्मीदवार उतारने का ऐलान किया था।
*वापसी का समीकरण…..*
बुंदेलखंड में आने वाले दमोह में पार्टी की मजबूती के लिए यह कदम उठाया गया है। दमोह में मलैया परिवार की पैठ मानी जाती है। 2021 उपचुनाव में दमोह विधानसभा से राहुल लोधी 17 हजार 63 वोटों से हारे थे। जबकि, राहुल लोधी कांग्रेस से बीजेपी में आए थे। कांग्रेस के प्रत्याशी अजय टंडन ने लोधी को हराया था। कभी बीजेपी की गढ़ माने जाने वाली दमोह विधानसभा सीट में पार्टी की मजबूती के लिए सिद्धार्थ मलैया की वापसी कराई