
एटा ! जिले में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) जन्मजात विकार से ग्रसित बच्चों के उपचार के लिए लगातार कार्य कर रही है। गुरुवार को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक के दौरान जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाली टीमों की सराहना करते हुए प्रशस्ति पत्र प्रदान किए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. उमेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि आरबीएसके के अंतर्गत जिले में अप्रैल 2022 से मार्च 2023 तक कुल 2046 स्कूल व 3210 आंगनवाड़ी केंद्र विजिट की गई है। इस दौरान करीब 3.16 लाख बच्चों की स्क्रीनिंग की गई व करीब 11896 बच्चों का संदर्भन किया गया। जिसमें से 11866 बच्चों को इलाज मिल चुका है।
सीएमओ ने बताया कि सराहनीय कार्य करने वाली टीमों को जिलाधिकारी द्वारा सम्मानित किया गया है। ब्लॉक शीतलपुर टीम ए से डॉ रवींद्र चौहान, डॉ पंकज, ऑप्टोमेट्रिस्ट राहुल, स्टाफ नर्स एस्टर को 23 बच्चे एनआरसी में भर्ती कराने व दिल में छेद के दो बच्चों, कटे फटे होंठ वाले चार बच्चों व क्लब फुट के तीन बच्चों का इलाज कराने हेतु एवं ब्लॉक निधौली कलां टीम ए से डॉ रमेश राजपूत, डॉ इशरत खान, ऑप्टोमेट्रिस्ट जयवीर सिंह को 21 बच्चे एनआरसी में भर्ती कराने व क्लब फुट के पांच बच्चों का इलाज कराने हेतु सम्मानित कर प्रशस्ति पत्र दिया गया।
आरबीएसके टीम ए निधौली कला से डॉ इशरत ने बताया कि उनके व डॉ रमेश राजपूत द्वारा दिसंबर माह में एक वर्षीय अर्जुन को एनआरसी केंद्र पर भर्ती कराया गया था। अर्जुन का वजन उस समय चार किलो था। पहले अर्जुन के दिल में छेद का ऑपरेशन हुआ था। जिसके बाद फॉलो-अप के पश्चात कुपोषित पाए जाने पर अर्जुन को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया गया। एनआरसी में बाल रोग विशेषज्ञ की देखरेख में अर्जुन को सही इलाज व पोषक तत्व युक्त आहार दिए गए। अब अर्जुन स्वस्थ है। फॉलो-अप के दौरान उसका वजन भी बढ़कर सात किलो से अधिक हो गया है।