बनारस के 269 परिषदीय बच्चों ने पास की राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति परीक्षा।

राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति योजना परीक्षा में पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी बनारस के बच्चों ने सराहनीय प्रदर्शन किया है। अभी तक प्राप्त सूचना के आधार पर इस परीक्षा में सेवापुरी ब्लॉक के कंपोजिट स्कूल अदमापुर की ज्योति पटेल ने टॉप किया है। कई अन्य स्कूलों के भी बच्चों ने शानदार प्रदर्शन किया है।
प्राथमिक विद्यालय भतसार के सुजीत कुमार ने जिले में दूसरा और शनि यादव ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है।पूर्व माध्यमिक विद्यालय पयागपुर के कुल नौ छात्र-छात्राओं ने परीक्षा में सफलता पाई है। इनमें किशन कुमार यादव का जिले में 12वां सुप्रिया गौतम का 17वां और अंजली राव का 27वां स्थान है। कम्पोजिट विद्यालय बसाव के छात्र अमन वर्मा ने जिले में 19वां स्थान हासिल किया। वहीं उच्च प्राथमिक विद्यालय जगदीशपुर के 6 विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की। इनमें सोनम वर्मा, अंकिता देवी, आनंद पटेल, विनीत कुमार सिंह, अंजली पटेल और अर्चना गुप्ता रहीं।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय मेहंदीगंज के छात्र निलय सिंह तथा मोहम्मद आसिफ सफल रहे हैं। निलय को 18वां स्थान मिला है। सेवापुरी ब्लॉक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय सिखड़ी के छात्र सुंदरम पाल ने 10वां स्थान प्राप्त किया। आराजीलाइन ब्लॉक के यूपीएस भवानीपुर से चार और उच्च प्राथमिक विद्यालय टिकरी से एक छात्रा अनुष्का का भी चयन हुआ है। मुख्य बात यह रही कि इस बार बनारस को आवंटित कोई भी सीट खाली नहीं गयी। बताते चलें कि इस परीक्षा की जागरूकता प्रचार प्रसार एवं बच्चों के मार्गदर्शन में शिक्षक रविन्द्र सिंह , शैलेन्द्र विक्रम सिंह, छवि अग्रवाल ने अपने शैक्षिक समूह के माध्यम से बतौर मेंटर हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी जागरूकता अभियान चलाया। उनसे प्रेरणा लेकर शिक्षक अपने विद्यालय की टीम को प्रेरित कर रहे हैं परिणामस्वरूप सतत प्रयास से बच्चे लगातार बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।
बच्चों को परीक्षा की तैयारी कराने के लिए प्राथमिक विद्यालय बनपुरवां की टीचर छवि अग्रवाल ने यूट्यूब चैनल और व्हाट्सएप ग्रुप से शिक्षण के माध्यम से विशेष प्रयास किए।गौरतलब है कि छवि के पढ़ाए हुए नौ छात्रों ने इस परीक्षा में सफलता प्राप्त की है।
बीएसए डॉ. अरविंद कुमार पाठक ने भी बच्चों की तैयारी के लिए 110 पुस्तकें उपलब्ध कराई। इसके अलावा जिला विज्ञान क्लब और मंडलीय उन्नयन टीम की तरफ से भी प्रयास हुए।