पुरानी धरोहर हुए आजीवन उसी अवस्था में है जिनका बहुत ही पौराणिक महत्व है।

पूरे वाराणसी शहर व गांव गलियों में पुरानी धरोहर कुएं आज जीर्ण-शीर्ण अवस्था में है जिनका वहुत ही पौराणिक महत्व है परंतु कोई भी सरकार इस मामले में पहल नहीं करती बल्कि धीरे-धीरे सभी कुएं तालाब कुंड हैंड पंप जोकि निशुल्क सेवा है नगर निगम में कोई भी सभासद मेयर इस ओर ध्यान नहीं देते।आज इतनी महंगाई में शहरी गरीब जनता जायें तो जांए कहां पानी के लिए रोज लाईन लगाना पड़ता है अगर आप इस बात को लेकर सरकार को जिम्मेदार ठहराते हैं तो ख़ास कर काशी में हमेशा से ही एक कि नगरपालिका में सरकार रही है युरिनल तो पुरे शहर में गलियों में मुंह चिढ़ा रहे हैं महिलाऐं बुजुर्ग बीमार बच्चों को तो मजबूरी में या तो शर्म से कहीं नहीं जा सकते। यात्रियों का संख्या हुई अचानक से बढ़ोत्तरी काशी में गंदगी कि भरमार हो गई है।कोविड १९ भी घीरे घीरे उच्चतम शिखर पर पहुंच रहा है शहर में गलियों में खुला कुडा घर कुडा उड़ाते छुट्टा सांडो ने कुत्ते ने बंदरों ने तो हद ही कर दिया है। चुनाव जीतने में दूसरों को प्रभावित करने में सक्षम प्रत्याशी केवल पैसा कमाने के लिए सक्रियता और वादा करते हैं परंतु जीतने वाले सभी लोग केवल अपनी प्रभुत्व स्थापित करने में ५ साल गुजार देते हैं समाज सेवा देश सेवा नर सेवा नारायण सेवा भूल जाते हैं। इन्हें बदलना होगा हमें भी इन्हें बदलना पड़ेगा पैसा ही सब कुछ नहीं है इज्जत मान प्रतिष्ठा है तो हम हैं। हम लोग सामान्य नागरिक ही देश संभालेंगे इसकी संपत्ति कि रक्षा करने का संकल्प लेना होगा नहीं तो यह सरकार और उसके नुमाइंदे?
लेखक – सामान्य नागरिक जागरूक देश भक्त।