भूसे की प्रचुर मात्रा में उपलब्धता हेतु स्ट्रा रीपर के प्रयोग हेतु किसानों को प्रोत्साहित करें

भूसे की प्रचुर मात्रा में उपलब्धता हेतु स्ट्रा रीपर के प्रयोग हेतु किसानों को प्रोत्साहित करें

फसलों की कटाई एवं थ्रेसिंग हेतु कम्बाईन हार्वेस्टर के साथ-साथ स्ट्रा रीपर का उपयोग अनिवार्य

एटा, 15 अप्रैल 2023 (सू0वि0)। उप कृषि निदेशक रोताश कुमार ने शासन के निर्देशों के क्रम में जनपद के समस्त किसान भाईयों को सूचित किया है कि फसलों के अवशेष जाये लाने से उत्पन्न हो रहे प्रदूषण की रोकथाम एवं पराली प्रबंधन हेतु आवश्यक दिशा निर्देश निर्गत किए गए हैं। कम्बाईन हार्वेस्टर के साथ-साथ सुपर एसएमएस के प्रयोग किए जाने के निर्देश निर्गत किए गए हैं। सुपर एसएमएस के विकल्प के रूप में अन्य फसल अवशेष प्रबंधन के यंत्र जैसे स्ट्रा रीपर, स्ट्रा रेक व बेलर, मल्बर, पैडी स्ट्रा चापर, रोटरी श्लेसर, रिबर्सिंबुल एमबी प्लाऊ का भी प्रयोग कम्बाईन हार्वेस्टर के साथ किए जाने के निर्देश भी शासन द्वारा दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में गेहूं एवं रबी की अन्य फसलों की कटाई का सीजन चल रहा है। कम्बाईन हार्वेस्टर के उपयोग के बाद फसलों के डंठल खेतों में ही रह जाते हैं। स्ट्रा रीपर के उपयोग से फसलों के डंठल की कटाई एवं थ्रेसिंग करके भूसा तैयार किया जा सकता है। प्रदेश में गौवंशीय, महिषवंशीय एवं अन्य पशुओं के भरण पोषण हेतु प्रचुर मात्रा में भूसे की उपलब्धता के दृष्टिगत शासन द्वारा निर्णय लिया गया है कि फसलों की कटाई एवं थ्रेसिंग हेतु कम्बाईन हार्वेस्टर के साथ-साथ स्ट्रा रीपर के उपयोग को अनिवार्य किया जाए। कृषि विभाग के अधिकारियां, कर्मचारियों द्वारा इसका ग्रामीण क्षेत्र में किसान सहायकों, एटीएम, बीटीएम आदि के माध्यम से व्यापक प्रचार प्रसार कर जागरूक किया जाए।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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