सिपाही और उसके बेटे के खिलाफ रकाबगंज थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा लिखा, रिपोर्ट योगेश मुदगल

आगरा, प्रमुख संवाददाता। पुलिस लाइन में तैनात सिपाही और उसके बेटे के खिलाफ रकाबगंज थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा लिखा गया है। पीड़ित अग्निशमन विभाग में कुक है। आरोप है कि उसे किश्तों में ठगा गया। सिपाही दोस्त था। पहले जरूरत बताकर उधार लिया। तगादा किया तो बोला बदले में प्लाट ले लो। प्लाट महंगा था। शेष रकम भी उससे ले ली और प्लाट नहीं दिया।
मुकदमा गजेंद्र सिंह ने लिखाया है। वह फायर स्टेशन ईदगाह स्थित सरकारी आवास में रहता है। पीड़ित ने मुकदमे में सिपाही सीताराम तोमर और उसके बेटे मोहित तोमर को नामजद किया है। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि आरोपित सिपाही पुलिस लाइन परिसर में रहता है। उसका परिचित है। वर्ष 2018 में सीताराम की बेटी की शादी थी। उससे मदद मांगी। उसने तीन लाख रुपये उधार दे दिए। पांच-छह माह बाद तगादा किया तो सीताराम ने बहाना बताया। कहा हालत ठीक नहीं। उसके बाद सीताराम बीमार हो गया। इलाज के लिए उससे एक लाख रुपये और लिए। तबीयत सही होने पर उसने तगादा किया।
सदर के प्लाट मालिक को नहीं दी रकम
आरोपित की नीयत में खोट था। उससे कहा कि बदले में सदर क्षेत्र स्थित एक प्लाट ले लो। प्लाट की कीमत नौ लाख रुपये के आस-पास है। चार लाख उसके पास पहले से हैं। शेष रकम दे दो। पीड़ित के अनुसार उसने दो-तीन टुकड़ों में शेष रकम भी दे दी। इस तरह आरोपित के पास नौ लाख से अधिक रुपये पहुंच गए। आरोपित ने आज तक बैनामा नहीं किया। तगादा करने पर धमकी देता है। जानकारी करने पर उसे पता चला कि उसे जो प्लाट दिखाया गया था उसके मालिक के पास एक रुपया भी नहीं पहुंचा। सिपाही ने उसके साथ छल किया था। मुकदमे के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।