शासनादेश की उड़ी धज्जियां, मार्गों पर घूम रहे गोवंश, रिपोर्ट योगेश मुदगल

एटा, । मार्गों पर घूमने वाले गोवंशों को 31 मार्च तक संरक्षित किए जाने के शासनादेश होने के बाद भी जिले के मार्गों पर गोवंशों के झुंड़ घूमते नजर आ रहे है। इससे साफ पता लगाया जा सकता है कि संबंधित विभागों के अधिकारियों ने शासनादेश का पालन किया है या नही। रविवार को शहर के जीटी रोड, शिकोहाबाद रोड, अलीगंज रोड, आगरा रोड, रेलवे रोड, निधौली रोड आदि सभी मार्गों के अलावा गली मोहल्लों और गल्ला मंडी में निराश्रित गोवंशों के झुंड़ घूमते देखे गए। गोवंशों के झुंड मार्गों पर घूमने के कारण एक तरफ राहगीरों एवं वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं रात विरात गोवंश वाहनों की चपेट में आकर चोटिल हो रहे है। कभी-कभी वाहनों की चपेट में आने से गोवंशों की मौत भी हो रही है। इन सभी समस्याओं को देखते हुए शासन ने जिले के मार्गों पर घूमने वाले निराश्रित गोवंशों को 31 मार्च तक सरंक्षित कराने के जिला प्रशासन को आदेश जारी किए। लेकिन समय अवधि तक मार्गों पर घूमने वाले गोवंशों को संरक्षित न किए जाने से गोवंशों के झुंड़ आज भी मार्गों पर भटकते पाए जा रहे है। इस ओर संबंधित विभागों के अधिकारियों का ध्यान नहीं है।
जिले पांच सौ गोवंश अभी भी सड़कों पर
रविवार को सीवीओ अनिल कुमार सिंह ने बताया कि जिले में कुल 13 अस्थाई गोशालाएं है। जिनमें 1536 गोवंश संरक्षित है। इसी प्रकार तीन वृहद गोसंरक्षण केंद्र में 1132, पांच कान्हा गोशालाओं में 644, चार पंजीकृत गोशालाओं में 1009, दो अपंजीकृत गोशालाओं में 656 गोवंश सहित सभी 27 गोशालाओं में कुल 4977 गोवंश संरक्षित है। इसके साथ ही पांच सौ अधिक गोवंश जिले की मार्गों पर घूम रहे है।
शहरी क्षेत्र में घूमने वाले गोवंशों को प्रतिदिन पकड़वाकर गोशालाओं में भिजवाया रहा है। उसके बाद भी शहर में गोवंशों कम नहीं हो रहे है। इसका मुख्य कारण है कि गोवंश देहात क्षेत्र से शहर में आ रहे है और परेशानियां बनी हुई है।
-एसके गौतम
ईओ, नगर पालिका परिषद एटा