
हाथरस । जनपद न्यायाधीश, श्रीमती मृदुला कुमार, जिला मजिस्ट्रेट, अर्चना वर्मा एंव पुलिस अधीक्षक देवेश कुमार पाण्डेय ने संयुक्त रूप से जिला कारागार, अलीगढ़ का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान माननीय जनपद न्यायाधीश, जिला मजिस्ट्रेट एंव पुलिस अधीक्षक ने विचाराधीन पुरूष बन्दी व महिला बंदियों से वार्ता कर उनकी हिस्ट्री टिकटों को देखा, उनकी समस्याओं को सुना तथा उनके निस्तारण हेतु जेलर को आवश्यक निर्देश दिये। निरीक्षण के समय कारागार में निरूद्ध बंदियों से उनकी तारीख पेशी एवं मिलने वाले भोजन के सम्बन्ध में जानकारी की। इसके अतिरिक्त बीमार निरूद्ध बन्दियों से उनके स्वास्थ्य के बारे में एंव उनको दी जाने वाली दवाओं के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान जनपद न्यायाधीश व जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने चिकित्सालय, पाठशाला, रसोईघर एवं बन्दियों की बैरकों का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय माननीय जनपद न्यायाधीश ने बंदियो से कहा कि यदि किसी बंदी के पास पैरवी हेतु अधिवक्ता उपलब्ध नहीं है तो वह जेलर के माध्यम से एक प्रार्थना पत्र जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को प्रेषित कर निःशुल्क सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
निरीक्षण के दौरान जेलर प्रमोद कुमार सिंह ने कारागार में निरूद्ध बन्दियों की वर्तमान स्थिति के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हेल्थ एटीएम की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि उ0प्र0 की यह पहली जेल है जिसमें टेली कंसल्टेंसी की व्यवस्था की जा रही है। जेल के सौन्दर्यीकरण/मरम्मत आदि के कार्यों को शासन द्वारा दी जाने वाली धनराशि, सांसद/विधायक निधि एवं सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से कराया जाता है। जेल परिसर में वर्कशॉप बनाने हेतु बजट का आवंटन किया गया है, जिसके माध्यम से वर्कशॉप का निर्माण कराया जायेगा।
निरीक्षण के समय माननीय जनपद न्यायाधीश ने जेलर अलीगढ़ को माननीय उच्चतम न्यायालय एवं माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नमृता शर्मा, कारागार अधीक्षक, जिला प्रोबेशन अधिकारी, चिकित्सक आदि उपस्थित रहे।