सतर्कता न बरतने से कोरोना बढ़ने के आसार , रिपोर्ट योगेश मुदगल

एटा, । लोगों के सतर्कता न बरतने से कोरोना वायरस बढ़ने के आसार जनपद में बने हुए हैं। वर्तमान में सैकडों की तादाद में सर्दी, खांसी, बुखार के रोगी उपचार को पहुंच रहे हैं। उसके बाद भी जनपद में कोरोना जांच की व्यवस्था नहीं है। सिर्फ ऑपरेशन और गंभीर रोगियों की कोरोना जांच कराने की औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
कोविड वायरस और इन्फ्लुएंजा के एक जैसे लक्षण होने की वजह से लोग आशंकित है। मेडिकल कालेज से लेकर सीएचसी, पीएचसी पर कोई भी चिकित्सक उनको यह नहीं बता रहा है कि यह आखिर क्या है। रविवार को 36 स्थानों पर आयोजित हुए मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला में 751 लोगों की आरटीपीसीआर औरा 336 की एंटीजन किट से कोरोना जांच होना बताया गया है। मेला में 120 वायरल फीवर रोगी जांच-उपचार को पहुंचे। उसके बाद भी जिले में संचालित सीएचसी, पीएचसी पर कोरोना जैसे लक्षण वाले लोगों की जांच की व्यवस्था नहीं है। मेडिकल कालेज और सीएचसी, पीएचसी पर उन रोगियों की ही जांच की जा रही है। जिनके ऑपरेशन होने है या फिर गंभीर बीमारी से ग्रसित है। इनमें गर्भवती महिला भी शामिल हैं। ओपीडी में प्रतिदिन 400 से 500 वायरल फीवर के बच्चे, बुजुर्ग और महिला-पुरुष पहुंच रहे हैं। इनको चिकित्सक लक्षण के आधार पर उपचार देने का कार्य कर रहे है।
पूर्व में दस हजार से अधिक रहा था संक्रमितों का आंकड़ा
कोरोना काल में जनपद में संक्रमितों का आंकड़ा दस हजार से अधिक रहा था। साथ ही एक सैकड़ा के करीब लोगों की कोरोना से मौत भी हुई थी। उसके बाद भी वर्तमान में लोगों में कोरोना जैसे लक्षण दिखाई देने के बाद भी कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है।
कोरोना वायरस को लेकर सीएचसी, पीएचसी पर मरीजों की जांच कराई जा रही है। प्रतिदिन 1500 लोगों की जांच हो रही है। अभी तक कोई कोरोना संक्रमित जनपद में नहीं मिला है।
डॉ. उमेश कुमार त्रिपाठी, सीएमओ, एटा