अपने लक्ष्य के प्रति समर्पण एवं एक निष्ठ प्रयास अति आवश्यक है।

अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए माननीय कुलपति ने कहा कि किसी भी संस्था के पुरातन छात्र उस संस्था के विकास हेतु महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करते हैं। आपने उपस्थित समस्त अतिथियों से विश्वविद्यालय एवं विभाग के उन्नयन हेतु सहयोग करने का आग्रह किया।
मुख्य अतिथि के रूप में डॉ॰ अनुकूल चंद राय जी ने कहा कि सफल होने के लिए अपने लक्ष्य के प्रति समर्पण एवं एक निष्ठ प्रयास अति आवश्यक है। विशिष्ट अतिथि डॉ॰ इंद्रजीत मिश्र ने कहा कि किसी भी संस्था की प्रतिष्ठा एवं प्रसिद्धि वहा के छात्रों पर ही निर्भर करती है। हर एक संस्था अपने आप में विशिष्ट होती है और महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ का गौरवशाली इतिहास समस्त शिक्षण संस्थाओं में एक विशिष्ट भूमिका प्रदान करता है।
उक्त कार्यक्रम में विभिन्न शिक्षण संस्थाओं आए हुए आए शिक्षकों एवं विशिष्ट अतिथियों डॉ॰ महिमा सिंह, डॉ॰ राज प्रकाश सिंह, डॉ॰ अखिलेश राय, डॉ॰ प्रियंका श्रीवास्तव, डॉ॰ राजेंद्र कुमार, डॉ॰ पूर्णिमा श्रीवास्तव, डॉ॰ नवीन शर्मा इत्यादि ने अपने छात्र जीवन के अनुभवों को साझा किया। कार्यक्रम में विभाग की पुरातन छात्रों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। उक्त कार्यक्रम में विभाग के सभी शिक्षक, अध्यक्ष पुरातन छात्र प्रकोष्ठ डॉ॰ नलिनी श्याम कामिल, डॉ॰ नवरतन सिंह, डॉ॰ कविता आर्या, डॉ॰ नीरज सोनकर, डॉ॰ नीरज धनकर एवं शोध छात्र उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ॰ किरन सिंह, अतिथियों का स्वागत विभागाध्यक्ष डॉ॰ निशा सिंह एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ॰ आरती विश्वकर्मा द्वारा किया गया।