
अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर अधिवक्ता परिषद ब्रजक्षेत्र की बैठक सम्पन्न।
–सम्मान की पात्र हैं भारतीय महिलाएं:-डॉ0 सुनीता सक्सेना
एटा,
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर अधिवक्ता परिषद जिला इकाई एटा की बैठक सरस्वती शिशु मंदिर रेलवे रोड एटा पर संपन्न हुई। इस अवसर पर नारी सशक्तिकरण, वैधानिक, उपचार एवं आवश्यक प्रयास ,विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी की मुख्य अतिथि एटा की समाज सेविका डॉ0सुनीता सक्सेना पूर्व प्राचार्य रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता आदित्य मिश्रा एडवोकेट ने की। विशिष्ट अतिथि सुभाष चंद्र शर्मा एडवोकेट, संध्या भारती एडवोकेट रहे, कार्यक्रम का संचालन हिमांशु ने किया। इस अवसर पर जिला शासकीय अधिवक्ता रेशपाल सिंह राठौर, जिला विशेष लोक अभियोजक अधिकारी डकैती प्रवेश भारद्वाज एडवोकेट, वरिष्ठ अधिवक्ता पंकज कुमार एडवोकेट, देवेंद्र कुमार लोधी एडवोकेट ,श्रीमती सरिता एडवोकेट, सीमा वाष्णेय रही। इस अवसर पर नारी सशक्तिकरण के लिए अतिथि संध्या भारती एडवोकेट ने कहा कि नारियों को कानून की जानकारी भी अत्यंत आवश्यक है उन्होंने धारा 354 को विस्तृत रूप से उसका वर्णन किया ।और पुलिस डायल 112 नंबर 1090 नंबर महिला हेल्पलाइन के बारे में भी अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जानकारी दी। इस अवसर पर प्रवेश भारद्वाज एडवोकेट ने कहा कि महिला शक्ति और सशक्तिकरण तभी संभव है जब हम एकजुट होकर समाज में व्याप्त कुरीतियों का विरोध करें, और उसके लिए सुधार हेतु प्रयास भी करें। वरिष्ठ अधिवक्ता और कार्यक्रम के अतिथि सुभाष चंद्र शर्मा एडवोकेट ने कहा कि भारतीय संस्कृति और सभ्यता को बनाए रखने के लिए हमें लगातार प्रयास जारी रखने होंगे, इसी के साथ हमारे समाज में किसी भी प्रकार की व्याप्त कुरीतियों को दूर करना होगा ,और भारतीय संस्कृति के परिपेक्ष में उनको विस्तार से समझना होगा, और उसकी व्याख्या करनी होगी,तब हम आज विश्व महिला दिवस के अवसर पर नारी सशक्तिकरण की बात सही से कह पाएंगे, कार्यक्रम के वरिष्ठ अधिवक्ता डीजीसी क्रमिनल रेषपाल सिंह राठौर ने कहा कि नारी सशक्तिकरण आज का मुख्य विषय है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि हम सबको मिलकर समाज में व्याप्त कुरीतियों से लड़ना होगा और इनको दूर करना होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता आदित्य मिश्रा एडवोकेट ने कहा कि अधिवक्ता परिषद ब्रज क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की आयोजित गोष्ठी में हम नारी शक्ति सशक्तिकरण पर बात कर रहे हैं, जो एक संगीन विषय है। भारतीय नारियों को कानून की ठीक से जानकारी होनी चाहिए,छात्र जीवन से ही कानून के बारे में बालिकाओं को जानकारियां दी जाएं तो उनका होने वाला भविष्य में उत्पीड़न रुक सकता है। न्यायपालिका और कार्यपालिका मिलकर कानून व्यवस्था कायम रखने के लिए कार्य करती है फिर भी लगातार आयोजन महिलाओं पर हो रहे अत्याचार की घटनाएं समाचार पत्रों के माध्यम से देखने और सुनने को मिलती हैं जो बड़ी दुखद होती है। कार्यक्रम में उपस्थित अलका गुप्ता ,साधना त्रिपाठी ,जागृति चतुर्वेदी, गरिमा शर्मा, अंजली गुप्ता एवं स्कूल की सैकड़ों छात्राओ ने कार्यक्रम में भाग लिया।