घर में घुसकर तेंदुए ने मां बेटे पर बोला हमला, लोगों ने किया अधमरा

 

नगर के बहेड़ावाला में शनिवार की तड़के तेंदुए ने एक घर में घुसकर मकान मालिक और उसकी मां पर हमला कर दिया। इस दौरान मां-बेटे की चीख सुनकर बड़ी संख्या में ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर दौड़ पड़े। जिससे घबराकर तेंदुआ पास के ही कब्रिस्तान में छिप गया। ग्रामीणों ने उसे घेरकर शोर मचाया तो वह फिर उसी घर में जा घुसा। इसपर ग्रामीणों ने उसे घेरकर लाठी-डंडों से पीटकर अधमरा कर दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने वन विभाग को मामले की सूचना दी। जिससे वन विभाग सहित पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। सूचना के दो घंटे बाद पहुंची वन विभाग की टीम के सामने ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। बाद में अफसरों ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर तेंदुए का पशु अस्पताल में इलाज कराने के बाद उसे बरेली भेज दिया है। उधर, घायल मां बेटे को भी सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।

शनिवार सुबह करीब छह बजे बहेड़ावाला निवासी मुर्तजा अली मकान की छत पर टहल रहा था। मुर्तजा ने बताया कि करीब साढ़े छह बजे जंगल से निकला तेंदुआ उसके घर में घुस गया। यह देख वह छत से नीचे उतरा। जिसके बाद सीढ़ियों के नीचे छिपे तेंदुए ने उसपर हमला कर दिया। जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी चीख निकल गई। इसपर उसकी मां जाफरी बेगम अंदर से दौड़कर बाहर आई। तेंदुए ने उसपर भी हमला बोलकर उसे घायल कर दिया। इसके बाद मुर्तजा का छोटा भाई असीम अली डंडा लेकर दौड़ा और शोर मचा दिया। जिसपर आसपास के सैकड़ों लोग दौड़ पड़े। बड़ी संख्या में लोगों की आवाज सुनकर दहशत में आया तेंदुआ भागकर पास के ही कब्रिस्तान में छिप गया। इसपर लोगों ने उसे घेर लिया। चारों ओर से घिरा तेंदुआ फिर भागकर मुर्तजा के घर में जा घुसा। जहां लोगों ने उसे घेरकर उसपर लाठियां बरसा दीं। जिसमें तेंदुआ अधमरा होकर जमीन पर गिर पड़ा। इसके बाद लोगों ने उसके पैर बांध दिए और वन अफसरों के साथ ही पुलिस को मामले की सूचना दी। इसकी सूचना से प्रशासन में हड़कंप मच गया। इसके बाद भी वन विभाग की टीम मौके पर करीब दो घंटे बाद पहुंची। जिससे ग्रामीणों में रोष फैल गया। वन अफसरों ने किसी तरह लोगों को समझा-बुझाकर तेंदुए को पशु अस्पताल पहुंचाया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे आईवीआरआई बरेली भेजा गया है। वहीं घायल मुर्तजा व उसकी मां जाफरी को उपचार के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। मुर्तजा के छोटे बच्चे तमन्ना, महक, फातिमा और अनाविया सहित पत्नी नसरीन दहशत के चलते कमरे में बंद हो गई। देर शाम तक लोगों में दहशत बरकरार थी। दो घंटे बाद पहुंची एंबुलेंस, लोगों ने किया हंगामाघटना के करीब दो घंटे बाद एंबुलेंस मौके पर पहुंची। जिससे ग्रामीणों में रोष फैल गया और उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को लापरवाह बताते हुए जमकर हंगामा किया। लोगों का कहना था कि अगर मोहल्ले के लोग मौके पर नहीं पहुंचते तो खूंखार तेंदुआ मुर्तजा व उसकी मां जाफरी बेगम को अपना निवाला बना लेता। सुबह का समय होने के कारण सभी लोग अपने घर पर मौजूद थे। घायलों के शोर मचाने पर तेंदुए का नाम सुनकर लोगों में दहशत फैल गई। बाद में बड़ी संख्या में लोगों ने लाठी डंडों के साथ तेंदुए पर हमला बोल दिया। 12 साल से ठाकुरद्वारा में हैं तेंदुए का आतंक लोगों का कहना है कि करीब 12 साल से ठाकुरद्वारा क्षेत्र में तेंदुए का आतंक बढ़ता जा रहा है। क्षेत्र में अब तक तेंदुआ करीब एक दर्जन लोगों को अपना निवाला बना चुका है। वहीं पशुओं का तो कोई रिकॉर्ड ही नहीं है। इसके बावजूद वन विभाग सुरक्षा का कोई पुख्ता इंतजाम करने में नाकाम रहा है। जिससे क्षेत्र के लोगों में वनविभाग के प्रति आक्रोश व्याप्त है। पांच साल पहले भी ग्रामीणों ने तेंदुए को मार डाला थापांच साल पहले बिलारी के गांव गुलरिया व ठाकुरद्वारा के गांव राजूपुर पानूवाला में तेंदुए को ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से पीट पीटकर मार डाला था। उस समय भी तेंदुए ने करीब एक दर्जन से लोगों को खेतों पर जाते समय घायल किया था।एक साल आयु का है तेंदुआ ठाकुरद्वारा। वन क्षेत्राधिकारी धीरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि ग्रामीणों के हमले में घालय तेंदुए की उम्र लगभग एक साल है। अगर वयस्क तेंदुआ होता तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था। हालांकि तेंदुए का प्राथमिक उपचार कराने के बाद उसे बरेली भेजा गया है। तेंदुआ गंभीर रूप से घायल बताया जा रहा है। उसका जीवन बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।

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NAZIM HUSAIN

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