
न्यायमूर्ति एस.एन. शुक्ला के विरुद्ध वर्ष 2019 में भी दर्ज हुई थी एफआईआर
ट्रस्टों के साथ लेन-देन करने वाले भी जांच के दायरे में
लखनऊ, प्रमुख संवाददाता। आय से संपत्ति अर्जित करने के मामले में आरोपित इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायमूर्ति एसएन शुक्ला के करीबियों से जुड़े दोनों ट्रस्टों के साथ हुए लेन-देन पर भी सीबीआई की नजर है। दोनों ट्रस्टों के साथ लेन-देन में शामिल लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
सीबीआई की प्रारंभिक जांच में शिव शक्ति धाम ट्रस्ट मुसाफिरखाना जिला अमेठी और अद्भुत इंडिया फाउंडेशन ट्रस्ट के नाम से संपत्तियों की खरीद-फरोख्त और कुछ व्यक्तियों के साथ लेन-देन की जानकारी सामने आई है। इन ट्रस्टों में न्यायमूर्ति शुक्ला की पहली पत्नी के भाई साईदीन तिवारी और दूसरी पत्नी सुचिता तिवारी की खास भूमिका रही है। अब इनसे जुड़े परिवार के अन्य सदस्यों और ट्रस्ट के साथ लेन-देन में शामिल व्यक्तियों और संस्थाओं की भूमिका का भी पता लगाया जाएगा। साथ ही सभी आरोपी व्यक्तियों द्वारा संपत्तियों की खरीद-फरोख्त के लिए बताए गए धन के स्रोत की भी जांच होगी। सीबीआई ने प्रारंभिक जांच में आरोपियों की ज्यादातर संपत्तियों का पता लगा लिया है।
सीबीआई दिल्ली ने न्यायमूर्ति शुक्ला के विरुद्ध चार दिसंबर 2019 को आईपीसी की धारा 120 बी तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7, 8, 12, 13(2) व 13(1)(डी) के तहत एफआईआर दर्ज की थी। यह एफआईआर दर्ज करने के बाद सीबीआई ने न्यायमूर्ति शुक्ला के अलावा सुचिता तिवारी के लखनऊ में सुशांत गोल्फ सिटी स्थित अपार्टमेंट और साईदीन तिवारी के अमेठी में मुसाफिरखाना स्थित घर की तलाशी ली थी। इस दौरान मिले चल-अचल संपत्तियों के दस्तावेजों की जांच की गई। सीबीआई ने न्यायमूर्ति शुक्ला के अलावा इन इन दोनों आरोपियों की वर्ष 2014 से 2019 तक की आय और इन दौरान खरीदी गई संपत्तियों की जांच की। तीनों की आय से अधिक संपत्तियां पाए जाने पर ताजा मुकदमे में तीनों को आरोपी बनाया गया।