
*राजनैतिक रण में चुनावी टकरार, पूर्व सीएम उमा भारती की नाराजगी बुंदेलखंड में पड़ेगी भारी: मध्य प्रदेश में भाजपा को वोट बैंक छिटकने का खतरा*
मध्य प्रदेश के रण में चुनावी टकरार, पूर्व सीएम उमाभारती के तेवर देखकर भाजपा के थिंक टैंक में चिंता की लकीरें हैं l उमा भारती के तेवर अगर ऐसे ही रहे तो भाजपा को इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है, उमा भारती कभी शराबबंदी को लेकर तो कभी सजातीय समुदाय को लेकर जो बयानबाजी कर रही हैं, वह सीधेतौर पर संकेत हैं कि वह भाजपा संगठन से नाराज हैं l उनकी नाराजगी बीजेपी को भारी पड़ सकती है, आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए मुश्किल खड़ी हो सकती हैं l उमा भारती के गढ़ कहे जाने वाले बुंदेलखंड में तो इसका भारी असर पड़ सकता है, क्योंकि बुंदेलखंड में उमा भारती के सजातीय लोधी समाज और उनका सेम का वर्चस्व है l वह खुद की उपेक्षा से व्यथित हैं, पिछले दिनों लोधी समुदाय को अपने हित देखकर वोट करने के लिए उमाभारती कह चुकी हैं l ऐसे में लोधी समाज भाजपा के खिलाफ जा सकता है l अगर उमा भारती की नाराजगी का कोई तोड़ नहीं निकाला गया तो भाजपा के लिए मुश्किल होगी. दूसरी तरफ भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पिछड़ा वर्ग के वोट बैंक को लुभाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है l ऐसे में उमा भारती की नाराजगी भाजपा की मुहिम पर भारी पड़ती नजर आ रही है l शह-मात का खेल सियासी गलियारों में खेलना उमा भारती अच्छी तरह से जानती हैं l