
जलभराव और गंदगी की भरमार, कैसे हों गलियां पार*
एटा
सफाई के प्रति नगर पालिका की अनदेखी शहर के लोगों को भारी पड़ रही है। नाले नालियां चौक होने के साथ गलियों में जलभराव बना होने से लोगों को मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं गलियों के कोनों और प्लॉट में गंदगी बिखरी पड़ी होने से बदबू और मच्छर फैल रहे है।
मोहल्ला शांति नगर की मुख्य मार्ग पर अंधी मोड़ से लेकर केशव सरस्वती स्कूल तक कई वर्षों से जलभराव की स्थाई समस्या बनी हुई है। साथ ही पूर्व पालिकाध्यक्ष कंचन गुप्ता अडंगा के आवास वाली मार्ग सहित आसपास की अधिकाशं गलियों की जल निकासी बाधित होने से नालियों का पानी भरा हुआ है। इसके चलते स्थानीय बाशिंदों के साथ मोहल्ले से होकर गुजरने वाले सैकड़ों राहगीरों को प्रतिदिन जलभराव के साथ दलदल और फिसलन की गंभीर समस्या से जूझना पड़ रहा है। वहीं बुजुर्ग, बच्चे और महिलाएं घरों कैद बने हुए है। इतना ही नहीं जलभराव बना रहने से क्षेत्र में मच्छरों का प्रकोप भी काफी अधिक बना हुआ है।
*प्लॉट और गली के कोने बने खत्ताघर* एटा। शांति नगर के अधिकांश प्लॉट और गलियों के कोनों में लोगों ने कूड़ा डालना शुरू कर दिया है। इसके कारण मोहल्ले की सूरत बदहाल बनी हुई है। गली मोहल्लों के कोनों पर जगह-जगह फेंके गए कचरे को पालिका कर्मी प्रतिदिन साफ नहीं कर रहे हैं, जिससे समस्या और भी अधिक बढ़ गई है।
*शांति नगर के मुख्य मार्ग पर जलभराव से राहगीरों को परेशानी हो रही है।*
*नगर पालिका ने वर्ष 2015 में ठंडी सड़क वाले काली मंदिर से लेकर शांति नगर के छोटे काली मंदिर तक सड़क का निर्माण कराया था। बाद में सीवरेज शुरू हुआ। कार्य कराने वाले पेटी ठेकेदारों ने अंधी मोड से केशव सरस्वती स्कूल तक सीवर लाइन खुदाई के दौरान गली की मिट्टी बेच कर सड़क को नीचा कर सड़क पर ईंट बिछवा दी। इससे सड़क नीची हो गई है। यही कारण है कि शांति नगर में जलभराव हो रहा है। इसकी शिकायत कईबार जल निगम अधिकारियों से की गई है। कुछ नहीं हुआ अब डीएम से शिकायत की जाएगी।*
मीरा गांधी, पालिकाध्यक्ष एटा।