
मां और बहन को शिवम ने दी मुखाग्नि, गंगा पार भी रही मुस्तैदी, अधिकारियों की मौजूदगी हुआ क्रियाकर्म
संगीनों के साए में मां-बेटी का बिठूर में अंतिम संस्कार
कानपुर देहात के मड़ौली में कब्जा हटाने के दौरान जिंदा जलकर मरीं मां-बेटी का बुधवार को बिठूर में अंतिम संस्कार किया गया। भारी सुरक्षा के बीच दोनों के शव श्मशान घाट पर लाए गए, जहां मां और बहन को शिवम ने मुखाग्नि दी।
कानपुर देहात के रूरा थाना क्षेत्र के मड़ौली गांव में सोमवार को अवैध कब्जा हटाने के दौरान आग लगने से प्रमिला दीक्षित और उसकी बेटी शिवा उर्फ नेहा की जिंदा जलने से मौत हो गई थी। ग्रामीणों के हंगामे के बाद मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद देररात शव गांव लाए गए। बुधवार सुबह 11 बजे पुलिस अधिकारियों और फोर्स के साथ शव एंबुलेंस से बिठूर लाए गए। कमिश्नर डॉ. राजशेखर, आईजी प्रशांत कुमार, एसपी बीबीटीजीएस मूर्ति के पीछे एंबुलेंस, पुलिस की एक दर्जन गाड़ियां और ग्रामीण साथ भी थे। घाट पर पहले से दोनों की चिता सजा दी गई थी। इस दौरान परिजनों के साथ गांव वालों में प्रशासन के खिलाफ आक्रोश था तो हर आंख नम थी। कृष्ण गोपाल दीक्षित के बेटे शिवम ने अंतिम संस्कार किया। मां और बहन को मुखाग्नि देते हुए शिवम के हाथ कांप रहे थे। आग की लपटे तेज होते ही वह चीख चीख कर रो पड़ा। अंतिम पल तक पुलिस के आला अधिकारी से लेकर पुलिस फोर्स मौजूद रहा। अंतिम संस्कार के बाद पुलिस की निगरानी में ही परिजनों को गांव तक ले जाया गया।
कानपुर देहात। भाजपा जिला अध्यक्ष अविनाश सिंह चौहान, राज्यमंत्री अजीतपाल, विधायक पूनम संखवार पीड़ित परिवार कृष्ण गोपाल दीक्षित व उनके पुत्र शिवम से मिले एवं विस्तार से घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्होंने परिजनों को सांत्वना देने के साथ न्याय का भरोसा भी दिया।
मड़ौली कांड की जांच के लिए जिलाअध्यक्ष सहित टीम को पीड़ित परिवार से फीडबैक एवं इस प्रकरण में अधिकारियों की भूमिका को लेकर रिपोर्ट शासन को सौंपनी है। इसके चलते बुधवार शाम दल मौके पर पहुंचा। शिवम ने भाजपा नेताओं को शुरु से लेकर अब तक प्रशासन की ओर से किए गए उत्पीड़न की कहानी बयां की। यहां अंशू त्रिपाठी, सत्येंद्र भदौरिया, हेमू सिंह गौर, विकास रहे।
आंसुओं के सैलाब के बीच उठे शव, फफक पड़ा गांव
कानपुर देहात। मड़ौली गांव में बुधवार सुबह मां-बेटी की अर्थी उठी तो पूरा गांव फफक पड़ा। हर आंख नम हो गई। परिजन को ढांढस बंधा रहे लोग भी सुबक रहे थे। कब्जा हटाने के दौरान झोपड़ी की आग से जलकर भस्म हुई प्रमिला व उनकी बेटी नेहा को गांव ने अंतिम विदाई दी। लोगों का कहना था कि जरा सी जमीन के लिए खानदान वालों ने ही एक परिवार को बर्बाद कर दिया।
भाजपा प्रतिनिधि मंडल को परिवार ने बताई आपबीती
घटना बेहद दुखद है। दोषियों पर ऐसी कार्रवाई की जाएगी जो प्रदेश में नजीर बनेगी। उन्होंने ऐसी हृदय विदारक घटनाओं पर राजनीति न करने की नसीहत दी।
-भूपेन्द्र चौधरी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष