
जांच में खुल गया पूरा मामला, सचिव व प्रधान के खिलाफ रिपोर्ट
अपात्रों को पीएम आवास दिलाने पर मुकदमा दर्ज
एटा,प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत रुपये लेकर अपात्रों को लाभ दिलवाने का एक मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत सचिव, प्रधान ने मिलकर दस अपात्रों से रुपये लेकर पीएम आवास योजना में शामिल करा लिया। इतना ही नहीं, एक अपात्र को किस्त भी जारी कर दी गई है। पूरे मामले में डीएम से शिकायत की गई। जांच में मामला सही पाया गया। इसके बाद थाना सकीट में खंड विकास अधिकारी शैली गोविल ने आरोपी ग्राम पंचायत सचिव बलराम यादव, इशारा पूर्वी की प्रधान मनीषा देवी के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई है।
चार दिन पहले डीएम अंकित कुमार अग्रवाल से गांव के ही एक व्यक्ति सचिन कुमार ने शिकायत की थी। शिकायत में बताया कि विकासखंड सकीट के गांव इशारा पूर्वी में प्रधानमंत्री आवास अपात्र व्यक्तियों को रुपये लेकर दिए गए हैं। जो पात्र थे उनके पास रुपये न होने के कारण उन्हें लाभ नहीं दिया जा रहा है। शिकायत को डीएम ने गंभीरता से लेते हुए डीसी एनआरएलएम प्रतिमा निमेष को जांच करने के निर्देश दिए।
डीसी एनआरएलएम ने गांव में जाकर जांच की। जांच में दस व्यक्ति अपात्र पाए गए। जांच रिपोर्ट में बताया कि ग्राम पंचायत सचिव बलराम यादव ने प्रधान मनीषा देवी के माध्यम से अपात्र व्यक्तियों से धन लेकर प्रधानमंत्री आवास योजनांतर्गत आवास वितरित किए। अपात्रों को आवास दिए जाने में ग्राम पंचायत सचिव व प्रधान की संलिप्तता पाई गई। खंड विकास अधिकारी सकीट ने ग्राम पंचायत इशारा पूर्वी के ग्राम पंचायत सचिव, ग्राम प्रधान के विरुद्ध थाना सकीट में रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसके साथ ही पंचायत सचिव पर विभागीय कार्यवाही भी की जाएगी। डीएम ने सख्त निर्देश दिए हैं कि आवास योजना के तहत लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एसओ सकीट अनुज चौहान का कहना है कि मामले की रिपोर्ट दर्ज हो गई है। जांच की जा रही है।
बने हैं दो-दो मंजिला मकान, दिर्शाते हैं झोपड़ी में रहना
एटा, । पीएम आवास योजना के तहत लाभ लेने के लिए अपात्रों ने आवेदन किया था। आवेदन के बाद जांच के लिए टीम जाती है। बताया जा रहा है कि अपात्रों ने खुद को झोपड़ी में रहना बताया था। इसके साथ ही योजना का लाभ लेने के लिए शपथ पत्र भी दिया था। झूठा शपथ पत्र वाले अपात्रों पर भी कानूनी शिकंजा कस सकता है। ऐसे में पुलिस विवेचना में अपात्रों पर भी झूठी सूचना देने के मामले में नाम बढ़ सकते हैं। बताया जा रहा है कि शिकायत पर अधिकारी ने मौके पर जाकर जांच की। जांच में सामने आया कि जिन लोगों ने आवेदन किया है उनमें कई लोगों के पास पक्के मकान हैं और कुछ के पास दो-दो मंजिला घर बने हुए हैं। जांच में यह भी सामने आया कि एक अपात्र को 40 हजार की किस्त भी जारी हो गई है। मौके पर ऐसा दिखाया जाता था कि वह झोपड़ी में रहते हैं। ताकि उन्हें योजना का लाभ दिया जाए। खंड विकास अधिकारी शैली गोविल ने बताया कि जिन्होंने जांच की है उनकी जांच में सामने आया है कि अपात्रों के पहले से पक्के घर बने हुए हैं। सकीट पुलिस विवेचना करेगी।
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