

शैक्षणिक गुणवत्ता और भैया बहिनों के भविष्य की योजनांतर्गत विद्यालय प्रगतिशील है। वर्तमान सत्र में दिल्ली की शैक्षणिक यात्रा हो अथवा बोर्ड के भैया बहिनों के लक्ष्य बोध कार्यक्रम से लेकर अतिरिक्त कक्षा शिक्षण की व्यवस्था, सीमित संसाधन अथवा चुनौतियाँ, विद्या भारती के लक्ष्य के अनुरूप सर्वांगीण विकास हेतु विद्यालय परिवार प्रबन्ध समिति के स्नेहिल आशीष से सदैव क्रिया शील है।
इसी क्रम में देश के अग्रणी CA संस्थान के विशेषज्ञ द्वारा 9th से 11th तक भैया बहिनों एवं आचार्य/आचार्याओं के प्रबोधन हेतु एक सेमिनार का आयोजन किया गया। उत्तर भारत में सबसे कम आयु में CA बनने बनी अनुभवी मार्गदर्शक CA क्षमा गोयल एवं CA अभिषेक गोयल जी ने भविष्य की राह दिखायी। उत्साह के वातावरण में छोटे छोटे प्रयोगों सहित PPT आदि के माध्यम से भैया-बहिनों की जिज्ञासा का समाधान किया। भविष्य निर्माण के अनेकानेक विकल्प सुझाए।
ध्यातव्य है पूर्व में भी विज्ञान, गणित के सन्दर्भ में वैदिक गणित मेला, विज्ञान प्रदर्श आदि आदि प्रयोगों से भैया बहिनों के वैज्ञानिक मस्तिष्क को और भी तेज करने के प्रयास अनवरत किये गए हैं। यह प्रयोग विद्यालय में आचार्य परिवार की सुदृढ़ टीम के निर्माण एवं उनके व्यावसायिक ढंग से प्रशिक्षण कराए जाने के फलस्वरूप ही सम्भव हुआ है। कोई भी परिणाम एक दिन में प्राप्त नहीं होता है अपितु वर्षानुवर्ष शिक्षकों की तपस्या, समर्पण, अभिभावकों का विस्वास, संगठन का अनुभवी नेतृत्व और प्रबन्धन के निस्वार्थ समदृष्टा सहयोग से ही सम्भव होता है। हमारे छात्र, हमारे साथी पौधे की भाँति ही पनपते हैं। अधिक पानी भी पौधे की जड़ को गला देता है। पौधे को कितनी धूप, कितना पानी देना है यदि माली को यह भलीभांति पता है तो कोई भी पौधा मुरझाता नहीं है।
पूरे विस्वास के साथ गत वर्ष की तरह प्रत्येक अंग बोर्ड परीक्षाओं में नए कीर्तिमान स्थापित तो करेंगे ही साथ ही स्वयं को ‘सिद्धि से प्रसिद्धि’ की आत्मसन्तुष्टि का आनन्द अनुभव करेंगे। एक शिक्षक के लिए उनके छात्रों की सफलता ही वास्तविक पूँजी है। सरस्वती की सही उपासना ऋद्धि-सिद्धि प्रदात्री है।
पूरे विद्यालय परिवार को हमारी कोटि मङ्गल कामनाएं।
आपका
शशांक तिवारी, प्रधानाचार्य
बाबू दाऊदयाल एडवोकेट सरस्वती विद्या मन्दिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल मथुरा