ऑटो पर लगने वाले फ्री पर्दे को फारने वाले एवं चालकों को जान से मारने की धमकी देने वाले ईश्वर सिंह, हरेंद्र गिरी, श्याम सुंदर यादव, मुमताज अहमद पर हुई f.i.r.।

(मीडिया रिपोर्ट ) वाराणसी के सिगरा थाना से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार विगत दिनों ऑटो पर पर्दा लगवा कर फाड़ने और उसका वीडियो जारी करने का मामला प्रकाश में आया था।
वाराणसी के जब कुछ संभ्रांत ऑटो चालक एवं चालकों के अधिकारों की आवाज को उठाने वाले लोगों ने विरोध किया तो उन्हें जान से मारने की धमकी और देख लेने की धमकी भी मिली थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार दिल्ली के रहने वाले उत्तर प्रदेश ऑटो एवं थ्री व्हीलर चालक एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं भारतीय मीडिया फाउंडेशन परिवहन फोरम के राष्ट्रीय महासचिव गिरजा शंकर शुक्ला द्वारा चालकों के समस्याओं को देखते हुए कुछ कंपनियों के द्वारा विज्ञापन वाले पर्दे लेकर ऑटो पर फ्री पर्दा लगाने हेतु सहयोग किया जाता है। जिन्होंने विगत दिनों वाराणसी के चालकों को फ्री पर्दा दिया था जो कर्मचारियों के द्वारा लगवाया जा रहा है। जिस पर ईश्वर सिंह एवं उनकी यूनियन के लोगों द्वारा वाराणसी में फ्री पर्दा लगाने के नाम पर सुविधा शुल्क की मांग की थी ।
न देने पर पर्दा को फाड़ने एवं कालिख लगाने की धमकी दी गई थी और उन्होंने कहा था जो बीच में आएगा उसे जान से हाथ धोना पड़ेगा।
इसी बीच पर्दा फाड़ कर कालिख पोतते हुए उन लोगों के द्वारा सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल किया गया था एवं यूट्यूब चैनल को बयान देकर धमकियां भी दी गई थी।
इसकी सूचना चालकों को सहयोग प्रदान करने वाले गिरजा शंकर शुक्ला को पता चला तो दिल्ली से आकर वाराणसी में उन्होंने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को चालकों के साथ जाकर प्रार्थना पत्र देकर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की थी।
जिस पर वाराणसी पुलिस कमिश्नर के द्वारा कार्रवाई कराई गई।
वाराणसी में चालकों की लड़ाई लड़ने वाले परिवहन फोरम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जुबेर खान बागी, वाराणसी जिला अध्यक्ष कमलाकांत सिंह उर्फ गुड्डू सिंह, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार सिंह एवं गिरजा शंकर शुक्ला को जान से मारने की धमकी लगातार मिलती रही।
श्री गिरजा शंकर शुक्ला द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र पर इस मामले को सिगरा थाना ने बड़ा ही गंभीरता से लिया एवं अराजक तत्वों के खिलाफ धारा 385,504,427 अंकित करते हुए मुकदमा दर्ज किया एवं कार्रवाई का आश्वासन दिया।
अराजक तत्वों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने पर वाराणसी के संभ्रांत चालकों ने राहत की सांस ली एवं कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की।