
बच्चों को खाली पेट न खिलाएं एल्बेंडाजोल
एटा।राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर बच्चों को कुपोषण से बचाने को दवा खिलाई जाएगी। पेट में कीड़े होने से बच्चों के शरीर में खून की कमी हो जाती है। इससे वह कुपोषित और एनीमिक हो जाते हैं। उनके बचाव के लिए शुक्रवार को स्कूल व आंगनबाड़ी केंद्रों में 8 लाख 67 हजार एक से 19 साल तक के बच्चों को एल्बेंडाजोल गोली खिलाई जाएगी।
सीएमओ डॉ. उमेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि 10 फरवरी को मनाने वाले कृमि मुक्ति दिवस पर एल्बेंडाजोल दवा एक से 19 साल तक के बच्चों को सरकारी, प्राइवेट स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर खिलाई जाएगी। स्कूल न जाने वाले बच्चों की सूची आशा बनाएगी। उन बच्चों को भी यह दवा खिलाई जाएगी। पेट में कीड़े होने से बच्चे और किशोरों में खून की कमी हो जाती है।
नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. ओपी आर्य ने बताया कि बच्चों को कुछ खाकर ही यह दवा खानी है। एक से दो वर्ष तक के बच्चों को आधी गोली पीसकर खिलाई जाएगी। दो से 19 साल तक के बच्चों को एक गोली चबाकर पानी के साथ खानी होगी। उन्होंने बताया कि पेट से कीड़े निकलने की दवा एल्बेंडाजॉल स्वादिष्ट बनाने की कोशिश की जाती है। इससे बच्चे आसानी से खा लेते हैं। उन्होंने बताया कि 10 फरवरी को दवा नहीं ले पाने वाले बच्चों को 13 से 15 फरवरी को माप अप राउंड के तहत दवा खिलाई जाएगी। जिले में माध्यमिक शिक्षा परिषद के 570, बेसिक शिक्षा परिषद के 1691 और 1652 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हो रहे हैं। इनमें पंजीकृत एक से 19 वर्ष के बच्चों को दवा खिलाई जाएगी।
पेट में कीड़े होने से संक्रमण के लक्षण
कृमि संक्रमण पनपने से बच्चे कुपोषित हो जाते हैं। बच्चों के शरीर में खून की कमी हो जाती है। बच्चे हमेशा थकान महसूस करते हैं। बच्चों का शारीरिक मानसिक विकास भी बाधित हो जाता है। बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता की भी कमी हो जाती है।
कृमि संक्रमण से इस तरह करें बचाव
नाखून साफ और छोटे रखें।.हमेशा साफ और स्वच्छ पानी ही पिएं। साफ पानी में फल व सब्जियां धोकर ही खाएं। खाने से पहले और शौच के बाद हाथों को अच्छी तरह धोएं। घरों के आसपास सफाई रखें। खुले में शौच न करें। हमेशा शौचालय का प्रयोग करें।