जिलास्तरीय इन्वेस्टर्स समिट की तैयारियां, अधिकाधिक निवेश पर दिया जोर
करोड़ों के प्रस्ताव में ओडीओपी प्रोडक्ट की चमक पड़ी फीकी , रिपोर्ट योगेश मुदगल

एटा, । एक जनपद एक उत्पाद योजना में चयनित जलेसर के घुंघरू-घंटी उत्पाद को बढ़ावा देने के प्रयास अभी तक कारगर नहीं हो सके है। जलेसर तहसील क्षेत्र में पीतल उद्योग घुंघरू-घंटी उत्पाद को आगे बढ़ाने के लिए नई फैक्ट्री, उद्योग नहीं लगे हैं, जिससे ओडीओपी में चयनित घुंघरू-घंटी उत्पाद विकास नहीं कर पा रहा है। इंवेस्टर्स समिट के लिए शासन को भेजे गए 404 करोड़ के प्रस्ताव में भी जलेसर के उत्पाद को नजरंदाज किया गया है।
शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में हुई अधिकारी, उद्यमियों की बैठक में डीएम ने 10-12 फरवरी के मध्य आयोजित होने वाली तीन दिवसीय इंवेस्टर्स समिट की तैयारियों की समीक्षा की। जनपद के लिये शासन से 500 करोड़ निवेश का लक्ष्य सौंपा गया है। लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 534 करोड़ के निवेश के प्रस्ताव उद्यमियों एवं निवेशकों ने दिए हैं, जिसमें 404 करोड के प्रस्ताव पास होने के लिए शासन को प्रेषित कर दिए गए हैं। डीएम ने कहा कि जनपद विकास से अछूता नहीं हैं। एटा विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। यहां हर क्षेत्र में निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने निवेशकों एवं उद्यमियों से आग्रह किया एमएसएमई, एग्रीकल्चर, खाद्य प्रसंस्करण, फिशरीज एवं पशुपालन, शिक्षा एवं हास्पिटलिटी क्षेत्रों में निवेश के प्रस्ताव उपलब्ध कराएं। उन्होंने निवेशकों, उद्यमियों से कहा कि उद्यम लगाने के लिये प्रशासन जमीन दिलाने में उनकी मदद करेगा। जमीन के संयुक्त खाते पर बटवारे, पैमाइश एवं दाखिल-खारिज में भी मदद की जाएगी। अधिकारीगण निवेशकों से वार्ता कर उसकी सूचना समय से जिला उद्योग केन्द्र कार्यालय को उपलब्ध कराएं। बैठक के दौरान उद्यमियों की समस्याओं को भी सुना गया तथा शासन की मंशानुसार निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। बैठक में एसएसपी उदय शंकर सिंह, सीडीओ डा. एके बाजपेयी, प्रभारी जीएमडीआईसी बांके लाल, डीएओ मनवीर सिंह, एलडीएम वीरेन्द्र सिंह आदि अन्य अधिकारीगण, अरूण दीक्षित, प्रसून वार्ष्णेय, सौरभ जैन, अनुज जैन आदि उद्यमी मौजूद रहे।