
शराब की एक बूंद भी जहर डब्ल्यूएचओ
नई दिल्ली, एजेंसी। शराब के सेवन की कोई सुरक्षित सीमा नहीं है और किसी भी मात्रा में इसका सेवन स्वास्थ्य के लिए गंभीर रूप से हानिकारक हो सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की ओर से लांसेट पत्रिका में प्रकाशित एक बयान में यह जानकारी सामने आई है। इसमें बताया गया है कि शराब पीने से सात तरह के कैंसर होता है।
व्हिस्की से लेकर वाइन तक खतरनाक विकिरण और तंबाकू के साथ ही शराब को उच्च जोखिम वाले कैंसर कारक ‘कार्सिनोजेन’ की श्रेणी में रखा है। यह जैविक तंत्र के माध्यम से कैंसर का कारण बनता है। इसमें यौगिक शरीर में टूट जाते हैं। इसका मतलब, अल्कोहल किसी भी मात्रा में लिया जाए और उसकी गुणवत्ता कैसी भी हो। वह कैंसर का खतरा पैदा करता है।
हृदय रोगों और टाइप-टू मधुमेह का भी खतरा डब्ल्यूएचओ ने कहा कि यह साबित करने के लिए ऐसा कोई अध्ययन नहीं है जिससे पता चले कि शराब सेवन का असर हृदय रोगों और टाइप-टू मधुमेह की तुलना में कैंसर रोग के लिए ज्यादा जोखिम भरा होता है, लेकिन यह मानने के पर्याप्त सबूत हैं कि भारी मात्रा में शराब पीने से हृदय रोगों और टाइप-टू मधुमेह का खतरा निश्चित तौर पर बढ़ जाता है।