सख्ती जन शिकायतें न निपटाने पर 24 जिलों के अफसरों पर कार्रवाई होगी, रिपोर्ट योगेश मुदगल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जन शिकायतों के निपटारे में लापरवाही बरतने के मामले में 24 जिलों के अफसरों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री का कहना है कि जनशिकायतों के हल में शिकायतकर्ता की संतुष्टि ही मानक है और इसी आधार पर अधिकारियों के कार्यों की ग्रेडिंग की जा रही है। आईजीआरएस पोर्टल पर जनशिकायतों के निस्तारण में बार-बार लापरवाही पर मुख्यमंत्री कार्यालय ने अपर मुख्य सचिव नियुक्ति और प्रमुख सचिव गृह को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने जिलाधिकारी कार्यालयों द्वारा अक्टूबर माह में फीड की गई जनशिकायतों की समीक्षा दुबारा की, जिसमें पूर्व में चेतावनी देने के बाद भी आवेदकों के मोबाइल नंबर फीड नहीं किए गए। यह जिले आजमगढ़, बागपत, सोनभद्र, कासगंज, मुरादाबाद, रामपुर, पीलीभीत और एटा हैं । ऐसे ही, पुलिस के हरदोई, रायबरेली, लखनऊ ग्रामीण, कासगंज, बलिया, मैनपुरी, लखनऊ, सहारनपुर, बांदा, कानपुर आउटर, बस्ती, अमेठी, हाथरस, हमीरपुर, मथुरा और संतकबीरनगर के जिले स्तर के कार्यालयों द्वारा अक्टूबर में फीड की गई जनशिकायतों की समीक्षा में भी चेतावनी के बावजूद लापरवाही सामने आई है।
सीएम योगी के सख्त रुख के कारण जनशिकायतों के निस्तारण में हीलाहवाली, लेटलतीफी और टरकाने को लेकर हाल ही में सीएम कार्यालय ने उदाहरणों के साथ 20 बिंदुओं पर चेक लिस्ट जारी की थी। मुख्यमंत्री कार्यालय ने रैंडम गुणवत्ता परीक्षण में खराब निस्तारण मिलने पर पुनर्जीवित मामलों में पहली बार आईजीआरएस के माध्यम से स्पष्टीकरण लेने और स्पष्टीकरण के संतोषजनक न होने पर दोषी पर कार्रवाई का प्रावधान था ।