
ताईक्वांडों चैंपियनशिप में शक्तिनगर की गुंजन ने जीता गोल्ड मेडल
वीएमएमए के खिलाडियों ने मार्शल आर्ट की हर विद्या में जीते गोल्ड मेडल
कैथल –
कैथल की गुंजन ने राज्य स्तरीय ताईक्वांडों प्रतियोगिता 2022 में गोल्ड मेडल जीत कर अपने माता पिता का नाम रोशन किया। गुंजन ने जीत का श्रेय अपने कोच को दिया। ताईक्वांडों चैंपियनशिप का आयोजन हरियाणा स्टेट ताईक्वांडों एसोसिएशन की ओर से 23 से 26 दिसम्बर तक किया। बस स्टैंड पर शहरवासियों ने खिलाडियों फूल मालायंे पहनाकर जोरदार स्वागत किया। गुंजन, राधिका, रितिका ने पूम्मसे में गोल्ड मेडल एवं भतेरी, सौरभ ने सिल्वर मेडल प्राप्त किया। गुंजन ने बताया कि वह विक्रांत मिक्सड मार्शल आर्ट एकेडमी में ताईक्वांडों का अभ्यास करती है। कोच ने उसे बेहतरीन ढंग से सिखाया है। कराटे कोच वंदना हमेशा कहती हैं कि हार जीत की चिंता किये बिना हमें अपना शानदार प्रदर्शन करना चाहिए। गुंजन ने बताया कि वह कोच बनकर जरूरतमंद लडकियों को मार्शल आर्ट सिखाकर आत्म निर्भर बनाना चाहती है। मार्शल आर्ट कोच बनना और अपने मातापिता के सारे सपनों को पूरा करना ही उसका सपना है। दिल में विश्वास है कि उसका यह सपना कोच के आर्शीवाद से ही पूरा होगा। विराज भाई ने उसे पूम्मसे करना सिखाया था। विराज भाई एकेडमी में सबसे अच्छा काता एवं पूम्मसे करते हैं। गोल्ड मेडलिस्ट रितिका ने बताया कि उनके कोच की मेहनत से ही यह जीत उनको मिली है। क्योंकि इस प्रतियोगिता में भेजने के लिए उसके मातापिता तैयार नहीं थे और यहां तक उसके ताउ ने मार्शल आर्ट छोडने तक को कह दिया था। कराटे कोच वंदना ने ही उसके मम्मी पापा को समझाया कि रितिका बहुत अच्छी फाइटर है। जिसके बाद उसके परिवार वालों ने उसे प्रतियोगिता में भेजा। इसके बाद गोल्ड मेडल जीतकर सबका मुंह बंद कर दिया। लोग आपके बारे में बहुत कुछ बोलेंगे, कडी मेहनत कर अपनी प्रतिभा के दम पर ही आप अपनी पीठ पिछे बोलने वालों का मुंह बंद कर सकते हैं। आज सबको लगता है कि हम एक सफल फाइटर हैं या फिर सफल कोच बन चुके हैं। लेकिन यह कोई नहीं जानता कि हम यहां कितनी ही मुसीबतों के लडने के बाद पहुंचे हैं। इसके लिए हमारे कोच ने बहुत मेहनत की और कदम कदम पर हमारा साथ दिया। ताईक्वांडों प्रतियोगिता में नवनीत, कमलदीप, वीर ब्राउंज, सौरभ व भतेरी सिल्वर, रितिका, राधिका एवं गुंजन ने गोल्ड मेडल प्राप्त किया।