4 जोन में ऑटो रिक्शा गाड़ियों के चलाने के नए नियम का भारतीय मीडिया फाउंडेशन परिवहन फोरम ने जताया विरोध,*
*भारतीय मीडिया फाउंडेशन के संस्थापक एके बिंदुसार एवं भारतीय मीडिया फाउंडेशन परिवहन फोरम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जुबेर खान बागी ने कहा की बड़े आंदोलन का किया जाएगा ऐलान*।

वाराणसी-भारतीय मीडिया फाउंडेशन के दिल्ली प्रदेश कमेटी एवं हरियाणा प्रदेश कमेटी के महत्वपूर्ण मीटिंग करने के बाद वाराणसी वापस आए भारतीय मीडिया फाउंडेशन परिवहन फोरम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जुबेर खान बागी ने कहा कि बनारस के ऑटो चालक साथियों और ई-रिक्शा चालक साथी के लिए यह जो प्रशासन का नया सिस्टम आया है 4 जोन में गाड़ियों को चलाने का i इस नए सिस्टम का भारतीय मीडिया फाउंडेशन परिवहन फोरम एक नया शोषण का तरीका मानता है भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाला और चालकों के ऊपर एक नए तरह की गुंडागर्दी और शोषण का एक और रास्ता बनाया जा रहा है और बार-बार प्रशासन बाहर भीतर की बात करता है लेकिन यह छोटी गाड़ियां इ- रिक्शा बैटरी से चलने वाली गाड़ियां जिन्हें रामनगर मुगलसराय, राजा तालाब, चौबेपुर और तमाम जगहों के परमिट के नाम पर उनका संचालन हो रहा है आखिर संख्या में गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन आरटीओ द्वारा करना और उनकी व्यवस्था आज तक सही नहीं करना रामनगर क्षेत्र में 10,000 परमिट जारी कर दी गई है वह 10,000 गाड़ी रामनगर में कहां चलेगी इसके लिए प्रशासन ने क्या व्यवस्था बनाई है और जो और जगह पर इन्होंने परमिट जारी की है उनके चलने के लिए क्या व्यवस्था दी है इन लोगों ने और सिटी परमिट चलेंगे बाकी गाड़ियां कहां जाएंगी और कैसे चलेगी बस एक सीमा रेखा बना दी बाकी गाड़ियां उसमें चलेगी कैसे चलेगी इसमें उसका कोई व्यवस्था नहीं है भारतीय मीडिया फाउंडेशन परिवहन फोरम वाराणसी के जिला अध्यक्ष घनश्याम यादव जी सिस्टम का कड़ा विरोध करते हुए चालकों से इन विषयों पर अपनी राय मांगी है आप सभी चालक इस नए सिस्टम पर अपनी अपनी राय देने का काम करें ताकि इस समस्या का सही समाधान निकाला जाए और ऑटो चालक और रिक्शा चालक साथी को भी दिक्कत ना हो और प्रशासन को भी दिक्कत ना हो।
उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के चालकों के विरोध में बनाए गए कानून का हर स्तर से भारतीय मीडिया फाउंडेशन की पूरी टीम भारतीय मीडिया फाउंडेशन परिवहन फोरम के चालक की पूरी टीम विरोध करने के लिए संकल्पित है भारतीय मीडिया फाउंडेशन परिवहन फॉर्म की टीम की ओर से निर्णय लिया गया कि इस तरह के काले कानून का सड़क पर उतर कर बड़े आंदोलन करने के लिए चालक बाध्य होंगे।
भारतीय मीडिया फाउंडेशन परिवहन फोरम की ओर से निर्णय लिया गया है कि काले कानून का जबरदस्त विरोध किया जाएगा इसमें सुधार अगर जिला प्रशासन द्वारा नहीं किया गया तो निश्चित रूप से बड़े आंदोलन का निर्णय लिया जा सकता है
वही संगठन की ओर से आरोप लगाया गया कि कुछ ऑटो चालक यूनियन भी इसमें इनवाल है जो मंच से चालक हित की बात तो करती है लेकिन अंदर से चालकों के शोषण में पूरा सहयोग करती है।