चार दिवसीय 24 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ एवं संगीतमय प्रज्ञा पुराण कथा का हुआ भव्य समापन

भावी पीढ़ी को संस्कारिक करने के संकल्प के साथ चार दिवसीय 24 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ एवं संगीतमय प्रज्ञा पुराण कथा का हुआ भव्य समापन

वाराणसी राजेश सेठ आज दिनांक 13-12-2022 को गायत्री तीर्थ शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान एवं गायत्री शक्तिपीठ दानुपुर के संयोजन में गणपत नगर, पहाड़िया वाराणसी स्थित गणपति मंदिर के प्रांगण में चलने वाले चार दिवसीय 24 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ एवं संगीतमय प्रज्ञा पुराण कथा का भव्य समापन भावी पीढ़ी को संस्कारित करने के संकल्प के साथ हुआ ।

आज दिनांक 13-12-2022 को प्रातः कालीन सत्र में 24 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन सुबह 8 बजे से शुरू हुआ । गायत्री तीर्थ शांतिकुंज हरिद्वार से पधारे कथा मर्मज्ञ श्रद्धये श्री राम तपस्या जी ने 24 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ की पूर्णाहुति वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया ।गायत्री महायज्ञ में विविध संस्कार के कार्यक्रम का आयोजन हुआ जिसमें 18 लोगों को दीक्षा संस्कार से संस्कारित कराया।महायज्ञ में लोगों के उज्ज्वल भविष्य, निरोग काया एवं आध्यात्मिक उर्जा के स्रोत से परिपूर्ण जीवन जीने हेतु आहुतियां अग्निहोत कराया ।
सायं कालीन सत्र में गायत्री तीर्थ शांतिकुंज हरिद्वार से आयी आओ गढ़े संस्कारवान पीढ़ी की उत्तर प्रदेश प्रभारी श्रीमती संगीता सारस्वत जी ने उपस्थित आंगनवाड़ी से जुड़ी कार्यकत्री, गायत्री परिवार से जुड़े साधकों एवं क्षेत्रीय महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि गायत्री परिवार का सबसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम भावी पीढ़ी को संस्कारित करना है। श्रीमती संगीता सारस्वत जी ने कहा कि हमें सबसे पहले गर्भ में पल रहे बच्चों को संस्कारित करने का लक्ष्य रखना होगा इसके लिए गर्भवती महिलाओं को संस्कारित करना होगा। श्रीमती सारस्वत जी ने अर्जुन एवं अभिमन्यु का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि अगर अभिमन्यु की मां को अर्जुन द्वारा बताये जा रहे चक्रव्यूह तोड़ने की कला के अंतिम चरण में अगर नींद नही आती तो अभिमन्यु चक्रव्यूह संरचना तोड़ कर विजयश्री प्राप्त कर लेता। आगे कहा कि बच्चों को जन्म से ही भारतीय संस्कृति से अवगत कराना है।बड़ों का सम्मान एवं छोटों को प्यार का भाव पैदा करना घर के बड़ों का पहला उत्तरदायित्व है। माता-पिता एवं घर के अन्य बड़ों की यह नैतिक जिम्मेदारी है कि बच्चों के समक्ष उत्कृष्ट आचरण अपनावें। गर्भवती माँ को धार्मिक साहित्य पढने के साथ सात्विक भोजन ग्रहण करना चाहिए ताकि हम देश को संस्कारित पीढ़ी दे सके।
कार्यक्रम समापन समारोह के पूर्व संध्या पर भव्य दीप महायज्ञ का आयोजन भी किया गया।
आओ गढ़े संस्कारवान पीढ़ी कार्यक्रम को शांतिकुंज प्रतिनिधि श्रीमती मधु गुप्ता एवं आराधना पुठिया ने भी संबोधित किया।
श्री शक्ति सिंह एवं श्री जनक जी ने सुमधुर संगीत की प्रस्तुति किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री डी के सिंह रहे।कार्यक्रम का संयोजन श्री सत्यप्रकाश गुप्ता ने किया ।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से श्री अनिलेश तिवारी, घनश्याम राम, अवधेश सिंह, रजनीश कुमार मल्होत्रा, श्यामानंद सिंह, ओम नारायण भारद्वाज, राम अवध सिंह यादव,अवधेश गुप्ता, यसवंत सिंह,श्रीमती सावित्री सिंह, शारदा देवी,पुष्पा गुप्ता, किरण तिवारी, राधिका मौर्या,शशि कला गुप्ता, पूनम पांडेय, वैदेही जी, आभा वर्मा, रीता मिश्रा, स्वेता मिश्रा पुष्पा रानी एवं मीडिया प्रभारी रमन कुमार श्रीवास्तव की सक्रियता सहभागिता रही।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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