” *दिल्ली में प्रवेश नहीं कर पा रहीं एटा की बसें, रिपोर्ट योगेश मुदगल

एटा डिपो में बसों की कमी के चलते एक तरफ लोकल रूटों पर बसों की बेहद कमी बनी हुई है। दूसरी तरफ दिल्ली रूट पर चलने वाली अधिकांश बसें आठ से नौ वर्ष पुरानी होने के कारण उनको दिल्ली आनंद विहार बस स्टैंड में प्रवेश की अनुमति नहीं है। इसके चलते यात्रियों को दिल्ली से पहले ही उतारा जा रहा है।
एआरएम राजेश यादव ने बताया कि एटा-दिल्ली रूट पर एटा डिपो की 52 बसों का संचालन किया जा रहा है। इसमें 36 बसें ही आनंद विहार बस अड्डे के अंदर प्रवेश कर पा रही हैं। बाकी 16 बसें आनंद विहार बस अड्डे तक नहीं पहुंच पा रही हैं। इसका मुख्य कारण है कि एटा डिपो की दिल्ली रूट पर चलने वाली सभी 52 बसों में से 36 बसें आठ वर्ष से कम पुरानी है। बाकी 16 बसें आठ वर्ष से अधिक पुरानी हैं। आठ वर्ष से अधिक पुरानी बसें दिल्ली की सवारियों को आनंद बिहार बस अड्डे से पहले ही कौशांबी बस स्टैंड पर उतार रही हैं। क्योंकि उन बसों को दिल्ली सरकार की ओर से प्रवेश होने की अनुमति नहीं है। दस वर्ष पुरानी बस एनसीआर क्षेत्र में भी प्रवेश नहीं कर सकती है। जबकि एटा डिपो की दिल्ली रूट पर चलने वाली अधिकांश बसें दस वर्ष का मियाद पूरी करने की जनदीक पहुंच चुकी है। इसी समस्या को देखते आरएम अलीगढ़ से दिल्ली रूट पर संचालित करने के लिए 22 नई बसों की डिमांड की गई है। डिमांड पत्र आठ दिसंबर को भेजा गया है। उन्होंने उम्मीद जताते हुए बताया कि डिपो के डिमांड के अनुसार बसें मिल सकती है।
नई बसें मिलने के बाद पुरानी बसों को चलाएंगे लोकल रूटों पर
एटा डिपो के एआरएम ने बताया कि डिपो की 18 बसें अधिक पुरानी होने के कारण उनकी नीलामी की जा चुकी हैं। इस कारण वर्तमान में कई लोकल रूटों पर बसों की बेहद कमी बनी हुई है। अगर डिमांड के अनुसार 22 नई बसें मिल जाती हैं तो दिल्ली रूट पर चलने वाली पुरानी बसों को लोकल रूट पर संचालित किया जाएगा। इससे लोकल रूटों पर बसों की कमी दूर हो जाएगी।