बाल विवाह एक अभिशाप है,

वाराणसी, 9 दिसंबर। बाल विवाह एक ऐसा अभिशाप है, जो किसी भी बालक या बालिका के न सिर्फ वर्तमान बल्कि उसके पूरे जीवन चक्र को प्रभावित करता है | यह किसी बालिका के जीवन को विकास, सुरक्षा और सहभागिता के अधिकारों को पूरी तरह से वंचित कर देता है |
उपरोक्त विचार बाल विवाह प्रभावितों की आपबीती कार्यक्रम में विभिन्न पैनलिस्ट ने अपने वक्तव्यो से कही | विभिन्न आयु वर्ग की 11 बालिकाओं व महिलाओं ने अपनी-अपनी आपबीती में कम उम्र में हुए विवाह से उनके जीवन में हुई दुश्वारियो पर अपना दर्द बयाँ किया|
अमरपुर बटलोइया की फिरोजा, दानियालपुर की चांदनी, राजातालाब की प्रीति, मुनारी की पूनम आदि ने कम उम्र में विवाह, 18 वर्ष पहले बच्चे, पति और ससुराल की प्रताड़ना और उनसे उत्पन्न दुश्वारियो की चर्चा की |
वही पुलकोहना की रिया, चंद्रा चौराहे की मंशा, हरिश्चंद्र घाट की दामिनी आदि ने भी कम उम्र में हुए विवाह, पति के नशे की आदत, घरेलू कलह, लड़के की चाह में लगातार लड़कियों के पैदा होने और उसके कारण ससुराल से निकाल दिए जाने के कारण मायके में भी हो रही उत्पीड़न को बयान करते हुए सरकार से मदद की गुहार लगाई |
वही रोल मॉडल के रूप में उपस्थित संध्या ने बाल विवाह के दंश से उबरकर पुनः अपने पैरो पर खड़े होने और अन्य को भी राह दिखाने कि बात रखी |
कार्यक्रम की संयोजक डॉ. रोली सिंह ने प्रत्येक केसेज के बारे में विस्तार से बताते हुए प्रत्येक मामलों में अब तक की कार्यवाहियों और उनकी प्रत्याशाओ से पैनलिस्ट को अवगत कराया |
डॉ.शम्भुनाथ सिंह रिसर्च फाउंडेशन (एस.आर.एफ.) द्वारा अपनी सहयोगी संस्था चाइल्ड राइट्स एंड यू (क्राय) तथा महिला कल्याण विभाग, वाराणसी के सहयोग से पाण्डेयपुर स्थित वन स्टॉप सेंटर में आयोजित इस कार्यक्रम में राज्य बाल अधिकार आयोग, डालसा, पुलिस, महिला कल्याण व अकादमिक
क्षेत्र के पैनलिस्ट ने उत्पीड़िता / बाल विवाह पीड़िताओं की आपबीती सुनकर उस पर अपने विचार व्यक्त किए |
प्रथम पैनलिस्ट राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की माननीय सदस्य श्रीमती निर्मला सिंह पटेल ने कहा कि “बाल विवाह बालक के पूरे जीवन को प्रभावित करता है, अतः हम सभी का कर्तव्य है कि अपने समाज में घटित हो रहे इस कुप्रथा पर नजर रखें और इसे जड़ से समाप्त करें |
आयोग के एक अन्य सदस्य इंजी. अशोक यादव ने भी बाल विवाह की रोकथाम के लिए देश- प्रदेश और आयोग की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि “हम सभी का यह कर्तव्य है कि कोई भी बच्चा बाल विवाह के दुष्चक्र में ना फसे |”
अपर जिला जज एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री प्रमोद कुमार गिरि ने कहा कि “कोई भी बाल विवाह से पीड़ित बालक / बालिका अपने विवाह को शून्य कराने तथा बाल विवाह से उत्पन्न बच्चो के भरण पोषण के लिए डालसा से निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त कर सकता है और अन्य प्रस्तुत मामलों में भी डालसा द्वारा उसकी पूरी सहायता की जाएगी |
वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट के सहायक पुलिस आयुक्त श्रीमती प्रियश्री पाल ने कहा कि “वाराणसी पुलिस अपने महिला आरक्षियों के माध्यम से प्रत्येक थाने पर महिला हेल्प डेस्क संचालित कर रही है, उन्हें यह जिम्मेदारी दी जाएगी कि गश्त के दौरान ऐसे मामलों पर नजर रखे और उन पर थानों में तैनात बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों के माध्यम से तत्काल हस्तक्षेप करें |
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ समाजकार्य विभाग की प्रोफेसर डॉ. निमिषा गुप्ता ने कहा कि “बाल विवाह एक सामाजिक समस्या है, जिसे सिर्फ कानून के माध्यम से नहीं बल्कि समाज विशेषकर बालिकाओं को शिक्षित और समृद्ध बनाकर, जागरुकता और संवेदनशीलता के माध्यम से समाप्त किया जा सकता है और आज का आयोजन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी है |”
महिला कल्याण विभाग, वाराणसी मंडल के उप निदेशक तथा वाराणसी के जिला प्रोबेशन सह बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी श्री सुधाकर शरण पांडेय ने कहा कि “मंडल में बाल विवाह की घटनाओं पर कड़ी नजर है और मिशन वात्सल्य के अंतर्गत प्रत्येक गांव व शहरी वार्डो में बाल संरक्षण समितियों का गठन कराकर इस पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी और अब तक जो मामले घटित हो चुके हैं उन्हें विभिन्न योजनाओं के तहत यथासंभव राहत पहुंचाने का कार्य किया जाएगा |
कार्यक्रम में पुराना पुल, दनियालपुर, पैगंबरपुर, रुप्पनपुर, अमरपुर मडिया आदि क्षेत्रों की बाल विवाह पीड़ित महिलाओं के अलावा सैकड़ों की संख्या में महिलाओं व पुरुषों ने प्रतिभाग किया| कार्यक्रम में बाल कल्याण समिति की डॉ. प्रीति वर्मा, किशोर न्याय बोर्ड के त्र्यंबक नाथ शुक्ला, महिला कल्याण अधिकारी अंकिता श्रीवास्तव, जिला समन्वयक प्रियंका राय, रेखा श्रीवास्तव, वन स्टॉप सेंटर की मैनेजर रश्मि दुबे, काउंसलर खुशबू सहित संस्था की दीक्षा, दीपिका, श्वेता, प्रीति, धीरज, अनिल, प्रमोद, सुधा चंद्रबली, सरिता, प्रीति, शकुंतला, काजल, श्रेया आदि उपस्थित थे |
प्रारंभ में अतिथियों का स्वागत व धन्यवाद संस्था के महासचिव श्री राजीव कुमार सिंह ने किया|