
” बिना एनओसी के नहीं लगेगा आरओ प्लांट
बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र पर पांच लाख तक का जुर्माना”
एटा – जिला भूगर्भ जल प्रबंधन परिषद बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र चल रहे आरओ वॉटर प्लांट पर सख्ती करने जा रही है। परिषद अध्यक्ष अंकित कुमार अग्रवाल ने बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र चल रहे आरओ वॉटर प्लांट संचालकों से जल्द से जल्द प्रमाण पत्र लेने को निर्देशित किया है। अन्यथा की स्थिति में पकड़े जाने पर कार्रवाई होगी।
जिला भूगर्भ जल प्रबन्धन परिषद अध्यक्ष ने बताया है कि उत्तर प्रदेश भूगर्भ जल (प्रबंधन और विनियमन) अधिनियम-2019 के तहत भूमिगत जल संरक्षित करने, नियंत्रित करने और भूमिगत जल के विनियमन का सतत् प्रबन्धन सुनिश्चित करने को अनापत्ति प्रमाण पत्र, पंजीकरण का प्रावधान किया गया है। सभी औद्योगिक, वाणिज्यिक, अवसंरचनात्कम, आरओ प्लाट और सामूहिक उपयोगकर्ताओं को भूजल निष्कर्षण अनापित्त प्रमाण-पत्र लेना होगा। इसके अतिरिक्त भूगर्भ कूप निर्माण की समस्त र्ड्रिलिंग संस्थाओं का पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। बिना अनापत्ति प्रमाण के भूमिगत जलदोहन करने पर दो से पांच लाख का जुर्माना। छह माह से एक वर्ष तक कारावास अथवा दोनों दण्ड निर्धारित किये गये है।
निमेष पोर्टल पर अनापत्ति प्रमाण पत्र को करें आवेदन
परिषद अध्यक्ष ने बताया कि अनापत्ति प्रमाण पत्र, पंजीकरण के लिए निमेष पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। उन्होनें कहा कि यदि किसी फर्म,संस्था ने भूगर्भ जल निष्कर्षण को अनापत्ति प्रमाण पत्र, रजिर्स्ट्रेशन को एक माह के अन्दर आवेदन नहीं किया जाता है। उसके उपरान्त यदि किसी ने अवैध रूप से भूगर्भ जल निष्कर्षण करते हुए पकडा जायेगा। उसके विरूद्घ अधिनियम के अनुसार दण्डात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इन व्यापारिक प्रतिष्ठानों को लेना होगा प्रमाण पत्र
परिषद अध्यक्ष ने बताया कि जिले में संचालित सामूहिक उपयोगकर्ता होटलों, लॉजों, आवासीय कॉलोनियां, रिजार्टों, निजी, चिकित्सालयों, परिचर्या गृहों, कारोबार प्रक्षेत्रों, माल्स, वाटर पार्कों, मेरिज होम, लोन, पैकेज ड्रिकिंग प्लांट, स्लाटर हाउस, शांपिक कॉपलेक्स, वाहन धुलाई केन्द्र को अनापत्ति प्रमाण पत्र, पंजीकरण करना होगा।