“इरफान सोलंकी का रोते हुए समर्पण,14 दिन की जेल”
कानपुर – आगजनी के आरोप में 23 दिन से फरार चल रहे सपा विधायक इरफान सोलंकी और उनके भाई रिजवान ने शुक्रवार सुबह पुलिस कमिश्नर ऑफिस में सरेंडर कर दिया। दोनों भाइयों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

शुक्रवार को पुलिस विधायक को फरार घोषित करने के साथ कुर्की की तैयारी कर रही थी। इस बीच सुबह करीब 1048 बजे नाटकीय ढंग से इरफान सोलंकी अपने भाई रिजवान के साथ पुलिस कमिश्नर ऑफिस में पेश हो गए। इस के दौरान उनकी पत्नी-बच्चों के साथ सपा के दोनों विधायक अमिताभ बाजपेयी और मो. हसन रूमी भी थे।
कमिश्नर ऑफिस से पुलिस विधायक को भाई के साथ पुलिस लाइन ले गई। करीब तीन घंटे चली पूछताछ के बाद दोनों को दोपहर 345 बजे एमपीएमएलए विशेष कोर्ट में न्यायाधीश आलोक यादव के समझ पेश किया गया। दोनों पक्षों ने अपने तर्क रखे। आगजनी के मामले में दोनों भाइयों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। वहीं, विधायक को फर्जी आधार कार्ड से यात्रा करने के मामले में सात दिन की न्यायिक हिरासत दी गई।
सरेंडर का फेसबुक लाइव विधायक के फेसबुक पेज से सरेंडर का लाइव किया गया। पांच गाड़ियों के काफिले के साथ इरफान-रिजवान सुबह 1048 बजे पुलिस कमिश्नर के कैंप ऑफिस पहुंचे। विधायक की पत्नी नसीम, दोनों बेटों और चाचा के साथ पहले से मौजूद थीं। विधायक के गाड़ी से उतरते ही बेटी उनसे लिपटकर बिलख पड़ी। विधायक भी रो पड़े।
कुर्की के डर से सामने आ गए शुक्रवार को कोर्ट से आदेश प्राप्त करने बाद पुलिस विधायक के घर के बाहर मुनादी कराने वाली थी। विधायक हाजिर न होते तो उनके खिलाफ पुलिस कुर्की की कार्रवाई अमल में लाई जाती। कार्रवाई के डर से विधायक इरफान सोलंकी और उनके भाई को सरेंडर करना पड़ा।
आगजनी मामले के आरोपी सपा विधायक इरफान सोलंकी ने शुक्रवार को पुलिस कमिश्नर कार्यालय में आत्मसमर्पण किया।