हवाला के जरिए आता है नशीली दवाओं का भुगतान

“हवाला के जरिए आता है नशीली दवाओं का भुगतान”

आगरा, वरिष्ठ संवाददाता। पश्चिम बंगाल की मालदा पुलिस के हत्थे चढ़ा नशे का सौदागर देवेन्द्र उर्फ चिंटू की एक के बाद एक कहानियां सामने आ रही हैं। दवा बाजार यह चर्चाएं गर्म हैं। इनके मुताबिक चिंटू गैंग विदेशों में माल सप्लाई करके हवाला के जरिए भुगतान लेता है। प. बंगाल के कुछ जिलों में विदेशी मुद्रा का लेनदेन भी होता है।

चर्चाओं के मुताबिक चिंटू के देश भर में 17 दवा गोदाम हैं। इनमें आगरा, हाथरस, वाराणसी, एटा, ग्वालियर के साथ प. बंगाल में कुछ जिलों के गोदाम शामिल हैं। इनमें नशीली दवाओं को इकट्ठा किया जाता है। एक दर्जन माफिया भी उसके साथ बताए जाते हैं। इनमें प्रमुख रूप से कोलकाता, मालदा, लाटू और बिहार कोच का माफिया शामिल है। इनकी मदद से गैंग बांग्लादेश, चीन, नेपाल, भूटान में नशीली दवाओं की सप्लाई करता है। गैंग प. बंगाल के कोलकाता, मालदा, सिलीगुड़ी, उत्तर मिदनापुर, मुर्शिदाबाद जिले के सीमा क्षेत्र दयारामपुर और बीरभूम में पार्टनर के जरिए विदेशी मुद्रा का भी लेन-देन भी करता है। इससे भी गैंग को अच्छी-खासी कमाई होती है। प. बंगाल में उसके नौ गोदाम बताए जाते हैं। इनसे बांग्लादेश, नेपाल जैसे करीबी देशों में सप्लाई होती है। नशीली दवाओं का भुगतान गैंग हवाला के जरिए लेता है।

एनसीबी मुंबई ने पकड़ा था गैंग अगस्त 2022 को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो मुंबई ने पांच ड्रग तस्करों का गिरोह पकड़ा था। पूछताछ में पता चला कि छापेमारी में जब्त की गई खेप यूपी के वाराणसी भेजी जी रही थी। इसे नकली पते, फर्जी कागजों के सहारे मुगलसराय से पुणे के लिए बुक किया गया। खेप पुणे रेलवे स्टेशन से दूसरे कई तस्करों और पैडलरों को भेजी जा रही थी। इसमें भी इसी गैंग का हाथ बताया जा रहा है।

मालदा मे पकड़ा नसीबुल शेख

इस गैंग का एक करीबी नसीबुल शेख को बीते दिनों बीएसएफ ने नशीली दवाओं के साथ पकड़ा था। उसे मालदा के इंग्लिश बाजार थाने को सौंपा गया। सितंबर 2022 को आगरा के औषधि विभाग ने जय रामजी मेडिकल स्टोर से शुगर की एक दवा का नमूना लिया था। विभाग ने रिपोर्ट आने तक दवा की बिक्री को प्रतिबंधित कर दिया था। जांच में दवा अवैध पाई गई। यह फर्म चिंटू की है।

कई बैंकों में हैं खाते, तमाम सिम बाजार की चर्चा के मुताबिक चिंटू गैंग के कई बैंकों में खाते हैं। इनमें यस बैंक, बैंक आफ बड़ौदा, एक्सिस बैंक, बैंक आफ इंडिया में खाते बताए जाते हैं। यह खाते सिर्फ आगरा के हैं। दूसरे राज्यों या जिलों में अन्य खाते भी हो सकते है। इसके साथ ही गैंग सिम कार्ड को जल्दी बदल देता है। सूत्रों की मानें तो गैंग एक राज्य (जोन) के सिम कार्ड का प्रयोग हमेशा दूसरे राज्य में करता है।

नोएडा के माल में भी लगा धन दवा बाजार में देवेन्द्र का पैसा नोएडा के एक माल में भी लगा बताया जा रहा है। माल उसके दोस्त का है। यह उसका पार्टनर भी बताया जा रहा है। चिंटू के पास हुंडई क्रेटा, हुंडई अल्काजर समेत पांच कार बताई जाती हैं। आगरा के ही एक हिस्से में उसका छह करोड़ के भूखंड की चर्चा भी गरम है। कुछ चल-अचल संपत्तियां परिवारीजनों के अलावा रिश्तेदारों के नाम पर भी खरीदी गई है।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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