
“भूसा ताले में बंद कर पराली से चला रहे काम”
एटा – जिले की ज्यादातर गोशालाओं में मौजूद गोवंशों को खाना खिलाने के नाम पर केवल औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। गोशालाओं में हरा चारा देखने को भी नहीं है। जबकि भूसे को तालों में बंद कर रखा गया है। भूसा होने के बाद भी गोवंशों को सूखी पराली चारे में रूप में दी जा रही है।
1800 रुपये कुंतल भूसा होने के कारण पवांस गोशाला में मौजूद 75 गोवंशों को भूसे के स्थान पर सूखी पराली खिलाई जा रही है। गोशाला स्थित गोदाम में रखे भूसे को ताले में बंद कर रख दिया गया है। रविवार को हिन्दुस्तान की टीम ने पवांस स्थित सरकारी गोशाला की पड़ताल की। पड़ताल के दौरान गोशाला केयर टेकर लालमन ने बताया कि गोशाला में भूसा पर्याप्त है। उसे ताले में बंद कर रखा गया है। ग्राम प्रधान के आदेश पर ही गोवंशों को कभी-कभी भूसा दिया जाता है। उन्होंने बताया कि भूसा महंगा होने के कारण गोवंशों को पराली खिलाई जा रही है। केयर टेकर ने यह भी बताया कि गोशाला में पिछले बीस दिनों से हरा चारा नहीं है। गोवंशों को हरा चारा खिलाने के लिए उन्हें जंगल लेकर जाना पड़ता है।