
हम एटा के लोग, कब थमेंगी सिसकियां? के तहत द्वितीय चरण का अभियान सफल
निर्भया कांड के 10 वर्ष पूरे होने पर पोक्सो एक्ट पर समीक्षात्मक गोष्ठी का आयोजन
एटा। शहीद पार्क स्थित संयुक्त प्रेस क्लब पर पोक्सो एक्ट 2012 तथा दण्ड विधि संशोधन अधिनियम 2013 के संदर्भ में ‘सरकारी मिशन शक्ति बनाम लैंगिक हमले और व्यवस्था’ पर समीक्षात्मक जन जागरूकता हेतु एक विधि गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें अनेकों पत्रकार बंधुओं और अधिवक्तागणों ने भाग लिया। इस गोष्ठी की अध्यक्षता संयुक्त प्रेस क्लब के अध्यक्ष सुनील मिश्रा ने की।
गोष्ठी में तीन प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित किये गये जिनमें पहला प्रस्ताव, अपराध रोकने में जिम्मेदार लोक सेवकों की जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए विषयगत दोनों अधिनियमों के अनुसार क्रियान्वयन में गैर जिम्मेदार अपराधी लोक सेवक को सजा दिलाने का प्रावधान है। दूसरा प्रस्ताव, रेप पोक्सो में नामदर्ज मुल्जिम को पुलिस विवेचना में जिनके विरूद्ध अपराध होना नहीं पाया गया, ऐसे व्यक्ति को मा0 न्यायालय द्वारा तलब कर मुकदमा चलाकर सजा करने की परिस्थिति में पुलिस की विवेचना संदिग्ध है अतः ऐसे पुलिस विवेचक को सजा दिलाने का प्रस्ताव है। तीसरे प्रस्ताव में रेप और पोक्सो एक्ट के अनुसार पीडिता को क्षतिपूर्ति पुनर्वास (धन) से सम्बंधित तथ्यों को जनता के समक्ष प्रकटीकरण का प्रस्ताव है।
विधि गोष्ठी के संयोजक पंकज कुमार एडवोकेट ने पोक्सो एक्ट पर विस्तृत प्रकाश डाला।
इस अवसर पर सुनील मिश्रा, विशनपाल सिंह चैहान, राकेश प्रताप भदौरिया,दीप्ति चैहान, इबलाश खान,दिनेश कुमार यादव एडवोकेट ने गोष्ठी को सम्बोधित किया। गोष्ठी में मदन गोपाल शर्मा, रामप्रसाद माथुर, प्रमोद लोधी, महेश वर्मा, प्रदीप वर्मा, संदीप शर्मा, दलवीर सिंह यादव पत्रकारगण, रामनिवास यादव, रनवीर सिंह यादव, अमित कुमार, प्रवेश कुमार, महेन्द्र सिंह, देवेन्द्रसिंह लोधी एडवोकेट हर्षित चैहान आदि अनेकों लोग उपस्थित रहे।