
*सहालग के शुरूआती दिन जनपद में 500 से अधिक शांदियां होने का अनुमान जताया जा रहा है*
एटा, संवाद। शुक्रवार को देव उठानी एकादशी से वैवाहिक कार्यक्रमों की शुरुआत हो रही है। देवोत्थान के दिन पहला सहालग होने के कारण शहर के सभी बैंड बाजा, गेस्ट हाउस, होटल, घोडी, बग्घी, कैटर्स आदि बुक हो चुके हैं। सहालग के शुरूआती दिन जनपद में 500 से अधिक शांदियां होने का अनुमान जताया जा रहा है।
देवोत्थान के दिन पहला सहालग होने के बाद भी शहर के शहर के मुख्य बाजारों में खरीदारों की भीड़ न होने से व्यापारी चिंता में हैं। घंटाघर, बाबूगंज, गांधी मार्केट, किराना बाजार, बांस मंडी आदि बाजार सहालग की शुरुआत होने के कारण सप्ताहिक बंदी मंगलवार को भी सामान्य दिनों की भांति ही खुले। बाजारों में खरीदारों की भीड़ न होने से व्यापारी हाथ पे हाथ धरे बैठे रहे। ज्वैलरी, बर्तन, साड़ी, फुटवियर, इलेक्ट्रिोनिक, फर्नीचर आदि शादी समारोह में उपहार बतौर दिए जाने वाले शोरूम ग्राहकों के बगैर सूने पडे रहे।
*कास्मेटिक एवं ब्यूटी पार्लरों पर भी नहीं दिख रही भीड़* मंगलवार को शहर के मुख्य महिला बाजार बाबूगंज स्थित साड़ी एवं रेडीमेड गारमेंट्स पर महिलाओं एवं युवतियों की काफी कम भीड़ देखने को मिली। इसके अलावा कॉस्मेटिक की दुकानों पर महिलाओं की बेहद कम भीड़ बनी रही। इतना ही नहीं ब्यूटी पार्लरों पर सजने संवरने को लेकर महिलाओं की इन दिनों लाइनें लगी रहती थी। मंगलवार को ब्यूटी पार्लरों पर शादी समारोह की तैयारियों को लेकर महिलाओं की संख्या में कमी बनी रही।
किराना बाजार और सब्जी मंडी में भी कम रही खरीदारों की भीड़ देवोत्थान के दिन सीजन का सबसे बड़ा सहालग होने के बाद भी किराना बाजार, बूरामंडी मेवाओं, दाल, मसाले एवं घी तेल, रिफाई आदि विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थो लेने वाले की काफी कमी बनी रही। इसके अलावा मुख्य सब्जी मंडी में काफी अधिक तादात में दावत में उपयोग होने वाली सभी प्रकार की सब्जियों की खरीदारी करने वाले ग्राहक भी कम देखने को मिले। इसी प्रकार बूरामंडी स्थित दुकानों पर मावा की एवं पनीर की भी बेहद कम खरीदारी की गई। व्यापारियों के अनुसार पिछले सप्ताह ही दीपावली का त्यौहार निकल कर गया है। ज्यादातर समारोह आयोजकों एवं लोगों ने सभी प्रकार की वस्तुओं की खरीदारी कर ली है। इसके कारण बाजारों में खरीदारों की कमी बनी हुई है।
ज्योतिषार्य के अनुसार मंगलवार को ज्योतिषाचार्य पंडित गोविंद दुबे ने बताया कि इस बार देवोत्थान एकादशी के दिन शुक्र अस्त है। इसके कारण इस बार देवोत्थान के दिन विवाह का महूर्त नहीं है। उन्होंने बताया कि 28 नवंबर से विवाह योग्य महूर्त निकल रहे है।