
ढ़ाई लाख से अधिक जनधन खाता बंद
एटा, । पैसों की बचत करने के लिए खोले गए जनधन खाते नहीं चल पा रहे। वर्ष 2014 से 2017 के बीच जीरों बैलेंस पर छह लाख से ज्यादा जनधन खाते खोले गए थे। इनमें से ढ़ाई लाख से अधिक खाताधारकों ने खातों में किसी प्रकार का कोई लेनदेन नहीं किया। इस कारण बगैर लेनदेन वाले सभी जनधन खातों को बंद कर दिया गया।
शनिवार को जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक वीरेंद्र सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर वर्ष 2014 से 2017 के बीच जनपद की सभी 132 राष्ट्रीयकृत, क्षेत्रीय ग्रामीण, सहकारी बैंक शाखाओं में छह लाख 91 हजार 569 जीरों बैलेंस पर जनधन खाते खोले गए। इनमे से दो लाख 52 हजार 785 जनधन खातों में एक बार भी लेनदेन नहीं किया। इस कारण बगैर लेनदेन वाले खातों को शासनादेश के अनुसार बंद कर दिया गया है। जनपद की सभी बैंक शाखाओं में चार लाख 38 हजार 784 जनधन खाते सक्रिय हैं।
जिले में है इतनी बैंक शाखाएं राष्ट्रीयकृत बैंक शाखाएं 66, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक शाखाएं 46, प्राइवेट बैंक शाखाएं 08, सहकारी बैंक शाखाएं 20 हैं।
शहर में हैं इन बैंकों की शाखाएं कैनरा बैंक व एसबीआई की 5-5 शाखाएं, ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त की 4 शाखाएं, सेंट्रल बैंक की 3 शाखाएं, पीएनबी व बैंक ऑफ बड़ौदा की 2-2 शाखाएं हैं। वहीं बैक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक, यूको बैंक, बैक ऑफ महाराष्ट्र, पंजाब एवं सिंध बैक की एक-एक शाखाएं हैं। इसी प्रकार शहर में प्राइवेट बैंक आईडीबीआई, एक्सिज, आईसीआईसीआई एवं एचडीएफसी बैंक की एक-एक शाखाएं हैं
कोराना काल से पहले कभी बचत नहीं की। कोरोना के समय में जब व्यापार प्रभावित हुए तब लगा कि पैसे बचत बहुत जरुरी है। उसी समय से हर महीने बचत करना शुरू कर दिया। हर किसी को अपनी क्षमता के हिसाब से बचत करनी चाहिए। इससे जरुरत पढ़ने पर पैसा काम आ सके।
राहुल गुप्ता, डाग बंगिलया, व्यापारी
बीच में कुछ आरडी चलाने वालों की संख्या में कमी आई थी। फिर से लोगों में बचत करने के लिए जागरुकता आई है। जनपद में 250 के करीब एजेंट काम करते है। छोटी-छोटी बचत अब बड़ा रुप ले लेती है यह बाद में पता चलता है। जब पांच साल पूरे होने पर लाभार्थी को पैसा मिलता है उस दिन वह काफी खुश दिखाई देता है।
पंकज दीक्षित, बचत एजेंट”
जनधन खाते में है अब पोर्टिविलिटी की सुविधा
अग्रणी बैंक प्रबंधक ने बताया कि जनधन खाते में पहले एक महीने में 10 हजार से ज्यादा का लेनदेन नहीं किया जाता था। यानी पूरे वर्ष में खाताधारक एक लाख रुपये तक की जमा एवं निकासी कर सकता था। अब सरकार ने जनधन खाते में पोर्टिविलिटी की सुविधा शुरू कर दी है। यानी जो खाताधारक अपने जनधन खाते में अधिक लेनदेन करना चाहता है तो उसके खाते का नंबर वहीं रहेगा और उसके खाते को जनधन से सामान्य बचत खाते के रूप में परिवर्तित कर दिया जाएगा।
30 हजार बंद व 50 हजार खुले नए सामान्य बचत खाते
शनिवार को जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक ने बताया कि नए वित्तीय वर्ष में जनपद की सभी 140 बैंक शाखाओं में दो लाख 70 हजार समान्य बचत खाते हैं। नए वित्तीय वर्ष में 30 हजार बचत खातें लोगों ने बंद कराए हैं और 50 हजार नए बचत खाते खोले गए हैं।