वीर भूमि बुंदेलखंड बुन्देलो की सुनो कहानी बुंदेलो की वाणी में पानी दार यहां का पानी आग यहां के पानी में: मातृभूमि को नमन, गर्व से कहो हम बुन्देलखण्डी है
बुंदेलखंड देश में वीरता की मिसाल है l बुंदेलखंड विकास का विकास आज भी अधूरा है l लेकिन बिना लड़े प्राप्त भी नहीं होगा, बुन्देलखण्ड के बिना भारत का इतिहास लिखा जाना हम सभी बुन्देलखण्ड वासियों के साथ किया गया सबसे बड़ा अन्याय है। बुन्देलखण्ड का इतिहास अनादि काल से ही स्वर्णिम इतिहास रहा है । धन वैभव यश प्राकृतिक खनिज कला संस्कृति बोली अपने आप में एक अलग पहचान रखती रही है, लेकिन फिर भी जो सम्मान आज अन्य राज्यो क्षेत्रों को मिला है और मिल रहा है, बुन्देलखण्ड का उनमें कही भी जिक्र मात्र तक नहीं है।
मुगलों को दौड़ा दौड़ा कर मारने वाले महाराजा छत्रसाल का कहीं कोई जिक्र तक नहीं है इतिहास में,
आल्हा और ऊदल तो मात्र अब भूली बिसरी कहानियों का एक हिस्सा मात्र रह गए है । ऐसे ही ना जाने कितने ही वीर इतिहास के गर्त में कहीं खो गए हैं।
जहा खुद राम वनवासी बनकर आते है और राजा राम बन जाते है l
जहां समुद्र मंथन में निकले विष को पीने स्वम् महाकाल बुन्देलखण्ड आते हैं।
उस राज्य क्षेत्र को आज वर्तमान में पहचान दिलाना और ढूंढना भी मुश्किल है l आखिर कब तक
जय बुन्देलखण्ड l