
“निमोनिया से दो साल के बच्चे की मौत, अपंजीकृत से कराया उपचार”
एटा, । मेडिकल कालेज की इमरजेंसी में मंगलवार की सुबह दो वर्ष के बच्चे ने दम तोड़ दिया। उसे दो दिन पहले उसे बुखार आया था। उसका इलाज अलीगंज क्षेत्र के अपंजीकृत के यहां चल रहा था। बच्चे की मौत के बाद परिवार में कोहराम है।
ब्लॉक अलीगंज के गांव जाजलपुर निवासी लव (दो)पुत्र अरविंद कुमार को बुखार आ रहा था। बच्चे को उसकेबाबा श्याम सिंह मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे। उन्होंने बताया कि परसों उसको सर्दी से बुखार आया। उसके बाद गढिया के डॉक्टर संतोष के यहां लेकर गए। यहां पर दो दो दिन तक इलाज चला। मंगलवार सुबह बच्चे की हालत खराब होने पर डाक्टर ने उनसे बाहर ले जाने की कह दिया। वह बीमार बच्चे को लेकर अलीगंज से एटा मेडिकल कालेज इमरजेंसी में सुबह 11 करीब बजे लेकर पहुंचे। इमरजेंसी में पहुंचने पर डॉक्टर ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर ने बच्चे को निमोनिया होने की आशंका जताई, जिसका समय से ठीक उपचार न मिलने की वजह से बच्चे मौत हो गई। ग्राम जाजलपुर में करीब एक माह पूर्व डेंगू पॉजिटिव मरीज निकला था, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने टीमों को भेजकर गांव में निरोधात्मक कार्रवाई करायी गई थी।
मेडिकल कॉलेज ओपीडी में आने वाला तीसरा मरीज बुखार पीड़ित मेडिकल कालेज के मेडिसिन विभाग, एनसीडी क्लीनिक में आने वाला हर तीसरा मरीज बुखार से पीड़ित है। जांच में मरीजों की प्लेटलेटस कम निकल रही हैं। हालांकि जांच में डेंगू, मलेरिया की पुष्टि नहीं हो रही है। ओपीडी में प्रतिदिन लगभग 200 से 250 तक मरीज उपचार लेने के लिए आ रहे है, जिनकी पैथोलॉजी में मलेरिया, एलाइजा, सीबीसी जांच करायी जा रही है।