15 अगस्त से पहले रेग्युलर ट्रेनें चलने की कोई उम्मीद नहीं, रेलवे ने कहा- रिफंड हों 14 अगस्त तक के ट्रेन टिकट के पैसे

15 अगस्त से पहले रेग्युलर ट्रेनें चलने की कोई उम्मीद नहीं, रेलवे ने कहा- रिफंड हों 14 अगस्त तक के ट्रेन टिकट के पैसे

भारतीय रेलवे सभी नियमित ट्रेनों के लिए 14 अप्रैल तक बुक की गई सभी टिकटों की पूरी बुकिंग राशि वापस कर देगा। रेलवे ने संकेत दिए हैं कि अगस्त से पहले तक नियमित यात्री ट्रेन सेवाओं को फिर से शुरू नहीं किया जाएगा। वर्तमान में रेल केवल 230 मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को “विशेष ट्रेनों” के रूप में चला रहा है। हालांकि रेल मंत्रालय ने बार-बार कहा है कि किसी भी मांग को पूरा करने के लिए और अधिक ट्रेनों के संचालन की संभावना है। सूत्रों ने कहा कि इन्हें “विशेष” के रूप में अच्छी तरह से ब्रांडेड किया जा सकता है।

रेल मंत्रालय ने सोमवार को सभी जोनों को एक सर्कुलर जारी कर 14 अप्रैल को या उससे पहले बुक किए गए सभी टिकटों को रद्द करने और टिकटों का पूरा रिफंड जेनरेट करने के फैसले की जानकारी दी। रेलवे ने 120 दिनों के लिए टिकटों की अग्रिम बुकिंग की अनुमति दी थी। वर्तमान नियमों के अनुसार, यात्रियों को टिकट रद्द करने की आवश्यकता नहीं है, अगर रेलवे ट्रेनों को रद्द करता है और ऑटोमेटिक रिटर्न की प्रक्रिया शुरू होगी।

रेलवे ने नियमित ट्रेन सेवाओं के लिए अडवांस रिजर्वेशन 15 अप्रैल से निलंबित कर दिया था, हालांकि नियमित ट्रेन सेवाओं को 25 मार्च से रद्द कर दिया गया था। रेल मंत्रालय के अधिकारियों ने सोमवार को संवाददाताओं को बताया था कि अभी संचालित की जा रही विशेष ट्रेनों का औसत बुकिंग 70% था। वर्तमान में चलाई जा रही ये सभी विशेष ट्रेनें पूरी तरह से आरक्षित हैं। कम मांग को देखते हुए, रेलवे ने माल ढुलाई पर अधिक ध्यान केंद्रित करने और निजी निवेश के लिए जमीन तैयार करने का फैसला किया है।

24 मार्च की आधी रात से रेलवे की नियमित ट्रेनें बंद हैं। 12 मई से चुनिंदा एसी स्पेशल और एक जून से 200 स्पेशल ट्रेनों के अलावा कोई ट्रेन नहीं चल रही हैं। सभी नियमित ट्रेन 30 जून तक निलंबित हैं। रेलवे के सूत्रों का कहना है कि इस वजह से रेलवे की कमाई 58 प्रतिशत तक कम हो गई है। कमाई कम होते ही रेलवे ने भी अपने खर्चों में कटौती शुरू कर दी है। पूर्व में रखे गए रिटायर रेल अधिकारियों को हटा दिया गया है। रिटायर कर्मचारियों पर कभी भी गाज गिर सकती है। आगरा मंडल में 200 से अधिक रिटायर अधिकारी/ कर्मचारी तैनात हैं। इनकी जगह रेलवे आउटसोर्स कंपनियों के माध्यम से कम वेतन वाले कर्मचारी रखेगी। साथ ही रेलवे ने स्टेशनरी के खर्च में भी कटौती के आदेश दिए हैं। सभी रेलवे जोन को जारी आदेश में ऑफिस के ज्यादातर काम फाइलों के बजाय कंप्यूटर में सेव करके रखने को कहा है। केवल बहुत जरूरी स्टेशनरी का सामान ही खरीदने को कहा है। साथ ही रेलवे जोनों से गैर जरूरी खर्च घटाने को भी कहा गया

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

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