जैथरा पुलिस की नीलामी या कर दिया कोई बड़ा खेल
आखिर यह कैसी नीलामी

जैथरा पुलिस की नीलामी या कर दिया कोई बड़ा खेल
आखिर यह कैसी नीलामी

~कटने के बजाय सडकों पर दौड़ेंगे नीलामी के वाहन~

एटा-थाने में सालों से विभिन्न प्रकरणों में जप्त किए वाहनों की नीलामी तब पुलिस की मनमानी की भेंट चढ़ गयी जब पुलिस ने स्वयं स्पष्ट किया कि नीलाम किए गए वाहन स्क्रैप में जाएंगे वे चलाने योग्य नहीं है । मगर हैरानी की बात है जिस व्यक्ति ने ये नीलाम किये वाहन कटवाने के नाम पर खरीदे, उसने उनका व्यापार करना शुरू कर दिया | जिसकी चर्चा कस्बा में जमकर चल रही हैं | चर्चाओं के अनुसार नीलामी में काटकर कबाड़ बनाने के नाम पर खरीदे गये वाहन को खरीदार व्यक्ति स्थानीय लोगों को ऊँचे दामों में बेच कर न सिर्फ नियम कानून को धता बताने में जुटा हैं बल्कि नीलामी के वाहनों को अच्छे दामों में बेच कर मोटा मुनाफ़ा कमाने में जुटा हैं ।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जैथरा थाना परिसर में विभिन्न घटना दुर्घटना में पुलिस द्वारा जप्त किए लम्बे समय से खड़े कई दोपहिया व चार पहिया वाहनों की नीलामी हेतु 10 दिसम्वर का दिन नियत किया गया था, इस दिन प्रशासनिक अधिकारी के समक्ष स्क्रैप वेंडर के द्वारा बोली लगा कर कबाड़ रूपी वाहनों की नीलम किया जाना तय था । सूत्र बताते हैं कि देर शाम तक कोई भी प्रशासनिक अधिकारी थाने नहीं पहुंचा । बाबजूद नीलामी प्रक्रिया देर शाम पूरी कर दी गई । इस सम्बन्ध में सूत्र बताते हैं कि थाना पुलिस ने जैथरा के एक कबाड़ी से पहले ही सेटिंग कर लाखों रुपए कीमत की कार कुछ हजार में नीलाम कर दी । नतीजतन पुलिस ने लाखों रुपए राजस्व का हेर फेर कर न सिर्फ नीलामी को विवादास्पद बना दिया बल्कि अपनी जेब गर्म करने में भी चूक नहीं की । इतना ही नहीं इस हवाहवाई नीलामी में 47 मोटर साइकिल व एक कार आई 20 से कुल रू 2,35,410 का राजस्व प्राप्त हुआ । इधर पुलिस सूत्रों की मानें तो नीलाम की गई कार को थाने में तैनाथ एक सिपाही ने अपने किसी परिचित के नाम ही खरीद लिया । अब बिना प्रशासनिक अधिकारी इस नीलामी प्रक्रिया में कितनी पारदर्शी रही यह शायद बताने की जरूरते न पड़े | सूत्र बताते हैं कि एक तरफ पुलिस ने नीलामी में खेल खेला तो दूसरी खरीदार कबाड़िया ने, नीलामी के नाम पर पुलिस से खीरीदी एक एक मोटरसाइकिल को कवाड़िये 10 से 15 हजार रुपये में बेच रहे है । अब सबाल तो यह है कि जब नीलामी स्क्रेप् में हुई है तो इन वाहनों को चलाया कैसे जा सकता है । क्योंकि कटने के लिये नीलामी के ये वाहन अगर रोडों पर फर्राटा भरेंगे तो घटना दुर्घटनाओं की संभावनाओं से न नहीं किया जा सकता | लेकिन नीलामी और वाहनों की बिक्री में चली मनमानी की बजह क्या रही स्पष्ट कहा नहीं जा सकता | लेकिन इतना जरुर हैं कि बिना रजिस्टर्ड नंबर बेचे गये वाहन अवैध धंधों और आपराधिक वारदातों में प्रयोग किये जाने की आशंका जरुर पैदा कर रहे हैं ।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

यह खबर /लेख मेरे ( निशाकांत शर्मा ) द्वारा प्रकाशित किया गया है इस खबर के सम्बंधित किसी भी वाद - विवाद के लिए में खुद जिम्मेदार होंगा

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