
एटा-नेताओं की कुचली हुई साफ सफाई और सुविधाओं पर पब्लिक को सौगात बताना छोड़ा जाए और पब्लिक के अधिकारों पर ज्यादा से ज्यादा ध्यान दिया जाना चाहिए—
एटा-किसी भी नेता के आने की खबर प्रशासन को होते ही एटा शहर की बेसुमार गंदगी को ढकने के लिये मंहगा कालीन डाल दिया जाता है, अपनी लापरवाहियों पर प्रशासन नतमस्तक होकर साफ सफाई से लेकर अपने हर दाग धोने मे रात दिन एक कर देता है, और बाद मे फिर अपनी—–यह छोड़ना होगा बहुत पुराना हो चुका है यह चेहरा अब पब्लिक बाला चेहरा लगाना होगा हर वार्ड चमकेगा शहर गांव और टूटी सड़कों से लेकर पुराने बूंट जैसी पोलिश—-सर्मनाक राजनीति हो रही है जो खुलेआम पब्लिक के खून पशीने की कमाई और अधिकारों पर डाका डाला जा रहा है आजतक एटा की जमीन और पब्लिक के हिस्से मे क्या दिखाई दे रहा है एक मेडिकल कॉलेज के शिवाय वह भी सम्पूर्ण नहीं कहा जा सकता है जबकत मरीज एटा के मेडिकल से आगरा जाता रहेगा।