अजीत सिंह की हत्या की साजिश में पूर्व सांसद बाहुबली धनंजय सिंह पर 25 हजार का इनाम

अजीत सिंह की हत्या की साजिश में पूर्व सांसद बाहुबली धनंजय सिंह पर 25 हजार का इनाम

जौनपुर से बहुजन समाज पार्टी से सांसद रहे धनंजय सिंह की मुश्किलें धीरे-धीरे बढ़ती ही जा रही हैं। लखनऊ में आजमगढ़ के पूर्व ब्लाक प्रमुख अजीत सिंह की हत्या के मामले में लखनऊ पुलिस ने फरार चल रहे धनंजय सिंह पर 25 हजार रुपया का इनाम घोषित कर दिया है।

उत्तर प्रदेश एसटीएफ की टीमें भी लखनऊ के साथ जौनपुर तथा हैदराबाद में धनंजय सिंह की तलाश में लगी हैं। इसी बीच गुरुवार को लखनऊ पुलिस कमिश्नर ने धनंजय सिंह पर 25 हजार रुपया का इनाम घोषित कर दिया है। अब बाहुबली धनंजय सिंह की मुश्किलें काफी बढ़ेंगी।

पूर्वांचल के बाहुबली और पूर्व सांसद धनंजय सिंह की लखनऊ के चर्चित अजीत सिंह मर्डर केस में गिरफ्तारी के लिए पुलिस के काफी बड़ा अभियान छेडऩे के बाद अब योगी आदित्यनाथ सरकार हाईकोर्ट से मिली उनकी जमानत निरस्त कराने की तैयारी में है।

गृह विभाग ने धनंजय की जमानत निरस्त कर उन पर कानूनी शिकंजा कसने के लिए हाई कोर्ट में नियुक्त सरकारी वकीलों से राय मांगी है। उम्मीद है कि वकीलों की हड़ताल खत्म होने के बाद हाईकोर्ट खुलने पर इसके लिए जरूरी औपचारिक प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। हाईकोर्ट से जमानत निरस्त होने की सूरत में धनंजय सिंह की मुश्किलें और बढ़ जाएंगी और गिरफ्तारी के बाद दोबारा जेल भेजे जाने पर उसे आसानी से जमानत भी नहीं मिल सकेगी।

लॉकडाउन के दौरान जौनपुर में कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक को धमकाकर उससे रंगदारी मांगने के मामले में धनंजय को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इसके बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बीते वर्ष 27 अगस्त को धनंजय सिंह की अर्जी मंजूर करते हुए सशर्त जमानत दी थी।

लखनऊ में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए गिरधारी के बयान के आधार पर धनंजय सिंह को आरोपी बनाया गया। बीती रात लखनऊ समेत कई ठिकानों पर छापेमारी कर दो जगहों पर गिरफ्तारी वारंट की नोटिस भी चस्पा की गई थी। अजीत सिंह को गोली गिरधारी ने ही मारी थी।

बीते वर्ष इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल की गई जमानत अर्जी में धनंजय सिंह ने कोर्ट में खुद ही अपनी हिस्ट्रीशीट पेश की थी। धनंजय की तरफ से दाखिल हलफनामे में बताया गया था कि उसके खिलाफ कुल 38 केस दर्ज हैं। 38 मामलों में से 24 में वह बरी हो चुका है। एक मुकदमे में वह डिस्चार्ज हैं। चार मुकदमों में फाइनल रिपोर्ट लग चुकी है। तीन केस सरकार की तरफ से वापस हो चुके हैं, इस तरह अब उसके खिलाफ सिर्फ पांच मामले ही बचे हैं।

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निशाकांत शर्मा (सहसंपादक)

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